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Instructions to work with tally in Hindi

innoza-Tally

How to work in tally

First of all run tally in your system. After than follow this steps..

Company info

  1. F1= select company : पुरानी कंपनी को select करने के लिए काम आता हे।
  2. F1 = shut company: खुली हुई कंपनी को बंध करने के लिए काम आता हे।
  3. F3 = create company : new कंपनी बनाने के लिए काम आता हे। जब हम नयी कंपनी बनाते हे तब हमे कंपनी information डालनी होती हे just like company name, address ,email, इसके बाद account maintain मे हम account only या account with inventory मे से कोई एक select करते हे। Financial year और book begging form भी देना पड़ता हे।
  4. Create group of company :new group off company बनाने के लिए काम आता हे।
  5. Alter: बनी हुई company की information को change करने के लिए काम आता हे ।
  6. Spilt company data: company को दो part मे divide करने के लिए काम आता हे।
  7. F4= backup: company के data का backup लेने के लिए ताकि वो सुरक्षित रहे।
  8. F4= restore: company का data फिरसे restore करने के लिए काम आता हे।
  9. Quit : tally से बाहर जाने के लिए इस Key का use होता हे।

Short cut commands for tally

  1. Alt + C = Voucher entry के वक़्त कोई नया account बनाना हो तो
  2. Numerical field मे Alt+c or Ctrl + n दबाने के लिए।
  3. Alt +1 = किसी भी 2 voucher के बीच मे नया voucher डालने के लिए काम आता हे।
  4. Alt+2 = किसी भी voucher का एक और duplicate voucher बनाने के लिए।
  5. Alt + d = Day book मे entry (voucher) को हटाने के लिए।
  6. Alt + x = Day book मे entry (voucher) को cancel के लिए।
  7. Alt + F1 = किसी भी Report की detailed और condensed मे देख सकते हे।
  8. Alt + p = किसी भी आइटम की प्रिंट निकालने के लिए।
  9. Ctrl+a = से voucher account accept हो जाता हे।
  10. Ctrl +r = से voucher entry के समय या ledger narration आदि को repeat करने के लिए।
  11. Ctrl +q = tally से बाहर आने के लिए काम आता हे।

Gateway of tally

 

  1. Account information:

Master

Two types of groups: 1. Single group

                                       Create :नया group बनाने के लिए काम आता हे।

                                      Display: किसी भी group को देखने के लिए काम आता हे।

                                      Alter: किसी भी एक group मे change करने के लिए काम आता हे।

                                    2. Multiple group 

                                     Create: नया group बनाने के लिए काम आता हे।

                                     Display: किसी भी group को देखने के लिए काम आता हे।

                                     Alter: किसी भी एक group मे change करने के लिए काम आता हे।

Group of tally

Tally मे 28 group होते हे। जिसमे 15 primary और 13 secondary group  होते हे।

Ledger :

Two types of ledger:  1. Single ledger

                                       Create: नया group बनाने के लिए काम आता हे।

                                       Display: किसी भी group को देखने के लिए काम आता हे।

                                       Alter: किसी भी एक group मे change करने के लिए काम आता हे।

                                     2. Multiple Ledger 

                                       Create : नया group बनाने के लिए काम आता हे।

                                       Display :- किसी भी group को देखने के लिए काम आता हे।

                                       Alter : किसी भी एक group मे change करने के लिए काम आता हे।

Voucher Type

यहाँ हम नया voucher बना सकते हे। उनकी display मे details देख सकते हे। और alter मे उनमे change भी कर सकते हे।

Quit : voucher से बाहर जाने के लिए use होता हे।


  2. Inventory information

  1. Stock group : यहाँ पर हम stock group बना सकते हे। उनकी display देख सकते हे और alter मे उनमे change भी कर सकते हे । उनकी display मे details देख सकते हे और alter के use से उनमे change भी कर सकते हे। यहाँ हम multiple stock groups भी create कर सकते हे।
  2. Stock item : यहाँ पर हम  अलग अलग ग्रुप मे अलग अलग तरह के stock items बना सकते हे। उनकी display देख सकते हे और alter मे उनमे change भी कर सकते हे । यहाँ हम multiple stock items भी create कर सकते हे।
  3. Voucher type: यहाँ पर हम नया stock voucher बना सकते हे। उनकी display मे details देख सकते हे और alter के use से उनमे change भी कर सकते हे।
  4. Godown : यहाँ पर हम नया stock voucher बना सकते हे। उनकी display मे details देख सकते हे और alter के use से उनमे change भी कर सकते हे। यहाँ हम multiple stock godown भी create कर सकते हे।
  5. Unit of measur: यहाँ unit of measure item को नापने के लिए अलग अलग इकाईया बना सकते हे।
  6. Quit: Inventory Info Menu के बाहर जाने के लिए।

 

  3. Voucher entry

Company के सभी vouchers की entry करने के लिए जिसमे company का transaction हुआ हे वो किसी भी तरह से हो सकता हे। जो इस तरह की window मे आता हे।

 

  4 . Import data :

दूसरी company के expert किए data अपनी company मे लाने के लिए काम आते हे। इसके लिए हमे पुरानी company से ledger export करने पड़ेंगे। उसके बाद all master command द्वारा account अपनी company मे import करेंगे।

  Balance sheet :

ये buusiness आईना हे जो business की आर्थिक स्थिति बताता हे। जेसे business मे कितना पैसा बैंक मे व कितना पैसा Cash मे हे? तथा business मे कितनी पूंजी लगी हुई हे? और कितना load लिया हे? कितनी संपत्ति हे आ कितना stock बचा हुआ हे? और कितना profit व loss हुआ हे?

How to work voucher option

F2 :- date change करने के लिए।

F2 :- period change करने के लिए।

F3 : company

F4 : countra entry only for  bank transaction.सभी तरह के बैंक transaction करने के लिए जैसे bank मे  cash जमा करना या cheque से payment receive और paid करने के लिए।

F5 : cash payment entry – business मे  cash payment paid करने के लिये जैसे : salary , माल खरीदने के लिए paid करना।

F6 : cash received entry – cash receive करने के पर इस voucher मे entry होती हे जैसे माल बेचने से जो amount receive हुआ उसके लिए किसी tender से payment receive होने पर।

F7:   journal:- इसमे  no cash or no bank की entry means समायोजना की entry होती हे। जैसे माल चोरी हो जाने पर या फिर उधार asserts खरीदने पर।

F8 :  sale – जो भी माल उधार बेचा जाए उसकी entry करने के लिए ।

F8 : credit note – जो भी माल बेचा हुआ हे और वो किसी कारण उसका कुछ माल return आता हे उसके लिए।

F9 : purchase – जो भी माल उधार खरीदा हुआ हे उस voucher की entry करने के लिए।

F9 : debit note – हमने जो माल खरीदा हे उसका कुछ माल return होने की condition मे ।

F10: memorandam – सिर्फ  यादास्त की voucher entry करने के लिए जिसका effect किसी भी जगह tally मे न हो।

F11 : features : यहाँ  पर tally के अलग अलग features होते हे। जैसे cost center, bill by bill, sales& purchase order हम यहाँ से on/off  कर सकते हे।

F12: configuration :- यहाँ tally की general, voucher entry, printing related configuration setting होती हे। जिनहे हम अपने हिसाब से change कर सकते हे ।

Account books :

  1. Cash/bank books: इसमे हम सभी month का cash और bank balance देख सकते हे।
  2. Ledger : यहाँ से किसी भी a/c का balance or उसकी पूरी detail देख सकते हे।
  3. Group summary : यहाँ से group wise accounts को देख सकते हे।
  4. Sales register: business मे हुई हर month की sales entry देख सकते हे।
  5. Purchase entry : इसमे business मे हुई हर month की खरीद देख सकते हे।
  6. Journal register: इसमे समायोजन की entry को देख सकते हे।
  • Debit notes: इसमे purchase return की एन्ट्री देख सकते है।
  • Credit notes: इसमे sales return की एन्ट्री देख सकते है।

Statement of account

  1. Cost center : यहाँ से हम company मे बनाए गए cost center details देख सकते हे । यहाँ cost center breakup , ledger/group breakup देख सकते हे।
  2. Out standing :
  • Bill receivable : यहाँ से हम bill receivable की जानकारी प्राप्त कर सकते हे। इसमे हमे व्यक्ति का खाता bill by bill लेना होगा और उसे माल एक निशात तारीख के bill के साथ बेचते हे। यहाँ हम पता लगा सकते हे की किन 2 bill का पैसा चुका हे और कितने bills का पैसा आना अभी बाकी हे।
  • Billpayable: यहाँ से bill payable की जानकारी प्राप्त कर सकते हे।
  • Ledger : यहाँ से hum smallest lendaro और dendaro k account देख सकते हे।
  1. Statistics : यहाँ  से  total no. of voucher or higher cost/lower cost or total no. of ledger accounts, group & cost center की जानकारी प्राप्त कर सकते हे।<br/>
  2. Inventory books:
  • Stock item : यहाँ per company may bachy huey stock items ka closing balance dekh sakty hai।
  • Group summary : यहाँ पर stock का group wise balance देख सकते हे।
  • Movement analysis: यहाँ पर stock items का  movement (inword/outword) देख सकते हे।
  • Aging analysis : यहाँ पर stock items का period wise details देख सकते हे।
  • Stock transfer : यहाँ पर हम stock transfer की entry देख सकते हे।
  • Physical stock register : यहाँ पर  हम physical stock की entry देख सकते हे।
  • Sales order: यहाँ पर हम  company द्वारा आए हुए sales order की details देख सकते हे।
  • Purchase order: यहा पर company द्वारा भेजे हुए purchase order की detail देख सकते हे।

  1. Statement Inventory :
  • Godowns: यहाँ पर company के godown मे पड़े stock का balance दिखाई देता हे।
  • Categories: यहाँ पर company के categories मे पड़े stock का balance दिखाई देता हे।
  • Stock Query: यहाँ पर हमे हर items का details दिखाई देता हे।
  • Purchase Bill Pending: यहाँ पर हम pending purchase bill को देख सकते हे।
  • Sales Bill Pending: यहाँ पर हम pending purchase bill को देख सकते हे।
  • Statics: Company मे बनाए हुआ groups,ledger,stock groups, items,units को द्कह सकते हे।

“A debt of gratitude is in order For To Read This Blog..!”

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9 Comments

  1. mohit suthar says:

    very helpful blog . many many thanks for provide such a good product ..

  2. Fulshanker Damor says:

    Nice

  3. Deepak gogra says:

    Nice

  4. Lalit damor says:

    Thanks you for this…

  5. Priyanka sharma says:

    Nice

  6. ntesh rana says:

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