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You learn PHP In Hindi Now – Innoza

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 Introduction to  PHP 

 

PHP यह open source scripting language है, यह  scripting language  जो different  applications को एक  साथ जोड़ती है।  जैसे की Client (browser)  or server के बिच में PHP काम करती है।  यह  एक server साइड scripting language है, php कोड server पर execute होता है।

PHP client को interactive webpage provide करने के लिये है, जब कोई भी webside बानाता है,  तो उससे  related database और दूसरी file server पर store की जाती है।

जैसे की आप user से from के ध्वारा login information  इनपुट करवा सकते है, इसे server पर store करवा सकते है, यूजर जब website में login करे तो उसकी details को server से confirm कर सकते है।

PHP  से आप HTML पेज में computational programming कर सकते है।

HTML से आप किसी webpage में addition भी नहीं करवा सकते है, PHP से आप वो सब करवा सकते है, जो आप programming  language से करते है।

जब भी आप अपने प्रोग्राम में PHP  को  use करते है तो यह server साइड पर execute  होनी के बाद उसका result webpage में PHP कोड को replace कर देता है। और simple  HTML के रूप में webpage पर show होगा।  webpage generate होने के बाद PHP का code Clint  को show नहीं होता है।

PHP का कोड <?  php  टैग से शुरू होता है और ?>  टैग से end होता है।

 

PHP से आप तीन प्रकार के काम कर सकते है-

Server side scripting  – इसके लिए आपको एक PHP  parser, वेब server और वेब brouser की जरुरत होती है।

Command line scripting –  इसके लिए आपको वेब server और web brouser की आवश्यकता नहीं होती है।

Desktop application  –  php से desktop applications भी create कर सकते है।

 

कुछ key words है जिससे आप PHP को आसानी से समझ सकेंगे।

open source – php  आपको फ्रीली available होती है, इसका कोड publicly download के लिए इन्टरनेट पर उपलब्ध है, इसको आप अपने use के according modify कर सकते है।

Scripiting language – PHP एक scripting language है।

Can be embedded into HTML – PHP  को आसानी से HTML के साथ use किया जा सकता है।

Generates HTML – execute होने के बाद PHP code simple HTML  की रूप में show होती है।

Server Side – PHP server पर काम करती है।

Can interact with database – php के ध्वारा आप database के साथ interact कर सकते है। Sample PHP कोड इस तरह create कर सकते है,

<html>

<head>

<title> Sample PHP Code </title>

</head>

<body>

<h1> this is generated by HTML </h1>

<?php

Echo “This is generated  by PHP”;

?>

</body?

</html>


 Introduction PHP tags 

 

  • PHP  common tags
  • PHP script tags
  • PHP short from tags
  • PHP comments

 

PHP  जब किसी HTML file को parse करती है, तो parser यह PHP कोड को अलग-अलग हिस्सों में तोड़ता है ताकि tags or actual data कौनसा है, opening और closing tags को search कर सकता है। बाकी का सारा कोड parser ignore कर देता है।

आप बिना php tags से parser PHP कोड को execute  नहीं करे पायेगा।

PHP चार प्रकार के opning  or closing tags provide करती है-

PHP common  tags:

<?php

// your code  here

?>

 

PHP script  tags:

<script language=“PHP”>

// your कोड here

</script>

जिस तरह java script का code head section  में script tag के द्वारा लिखते है, उसी तरह आप PHP  का code भी scipt tag में डाल सकते है।

 

PHP ASP style tags:

ASP के  साथ familiar है , तो ये ASP style tags use कर सकते है।

<%

//your code here

%>

 

PHP short from tags:

अगर आप PHP tags की कोई short from का पता लगा रहे है तो आप इस tags use कर सकते है।

<?

//your code here

?>

 

PHP comments:

PHP comments तीन प्रकार के होते है।

// your comment  here

/*  your comment  here */

# your  comment here

 

 PHP  Data types: 

 

  • Introduction PHP data types
  • PHP scalar data
  • PHP compound data types
  • Special PHP data types

 

Introduction PHP data types

PHP data  types  यह define करता है की आप किस तरह की information store कराना चाहते है। जैसे की कोई संख्या store करना चाहते है या फिर character store करना चाहते ये आप data types से compiler को दर्शाते है।

PHP में 8  तरह के data types होते है, जिनमे  4 scalar types होते है, 2 compound types होते है 2 special types होते है।

  • Scalar types
  • Integer
  • Float
  • Boolean
  • String
  • Compound types
  • Array
  • Object
  • Special  types
  • Resource
  • Null

 

Scalar types

Scalar data types – ये data types  एक programming language by  default provide करती है। इस तरह  के  data type एक सिंगल value  को hold करते है। जैसे int, char, flot, bloomean।

Integer data types –  यह किसी संख्या को store करने के लिए use किये जाते है, यह हमेशा पूर्ण संख्या को स्टोर करते है इसमे दशमलव संख्या integer variables में store नहीं कर सकते है।

<? php

$a = 1234;

?>

 

Float data types – Float types के variables दशमलव संख्या को स्टोर करने के लिए use किये जाते है। PHP में आप floating point variables इस प्रकार स्टोर कर सकते है।

<?php

$a=3. 14;

?>

Boolean data types – bloolean types के variables truth values store करते है। ture और false में से कोई एक  value boolean type के variables में store कर सकते है।

<?php

$a = true;

?>

String data types – यह String types के varibles में string store कर सकते है,

<?php

$message= “Hello  Reader …”;

?>

 

Compound Types

ये वो data types होते है, जो programming language को use करते हुए अपने प्रोग्राम में बनाते है। जैसे arrays, objects, structure, linked-lists, queue, stack।

Array – यह php में map की तरह होता है, आप values को keys से store करवा सकते है, इसे आप किसी list की तरह भी use कर सकते है और किसी had-table की तरह भी use कर सकते है।

<?php

$arr= arry( “this” , “is”, “an”, “array. “);

?>

 

<?php

$arr =  arry (

[1]  => “one”;

[2]  => “Two”;

);

?>

 

Object – PHP में object types भी create कर सकते है, object types create करने के लिए पहले class create करनी होगी, PHP में class में और object create करते है।

class my class

{

function myfunction( )

{

“This is function of my class”;

}

}

$obj = new myclass ( );

$obj  – > my function ( );

}

 

Special types: यह  वो data types होते है, जो किसी एक  particular language के लिए ही बने होते है।

 

Resource

एक resource special type होता है, जो external resources को hold करता है, जिसमे आप database connection या files जो आप PHP कोड के द्वारा open करते है।

Null  – जब भी आप  किसी variable create गया हो और उसमें आप कोई value store नहीं करना चाहते है तो आप उसमे Null की value डाल सकते है।

<?php

%a = Null;

?>

 


PHP variables:

  • Introduction PHP variables
  • Creating to PHP variables
  • Displaying PHP variables

 

Introduction PHP variables

यह varables किसी information को  store करने के लिए use किये जाते ये information कुछ भी हो सकती है। किसी user का नाम पता मोबाईल नम्बर आदि।

अगर आप php  मे variables create करते है तो उसके पहले $ का sine लगाते है।

जब आप php में कोई  variable declare करते है, तो उसका data type mention नहीं करते है। PHP ये automatically identify करती है, जब आप  variables में value assign करवाते है, तो वह जिस type की value होती है वह उसी type का बन जाता है।

PHP में दो अलग-अलग वार दो अलग – अलग variables होती है।

इसके लिए कुछ rules है इसे फोलो करने होते है।

 

  1. Dollar sign  before variable
  2. Unique variable name
  3. No need to mention data types

PHP  में variables इस तरह से create कर सकते है।

<?php

$name  = “Ram”;

$age = 30;

?>

 

Displaying PHP variables

PHPvariables की value display करने के लिये आपको PHP predefined functions को use करना होता है।

<?php

$name = “ram”;

echo $ name;

?>

 

 

 PHP Operators 

 

Introduction to  operators :

variables के साथ ऑपरेशन जैसे addition, division, comparison, आदि perfrom करने के लिए operators का use  किया जाता है।

यह 2 प्रकार के होते है

  1. Unary
  2. Binary

Unary operators single variable के साथ use किये जाते है, इस तरह के operators या तो  variable के आगे या पीछे लगते है।

Binary operators 2 variable के बिच में use किये जाते है जैसे की ( + ) addition इस तरह के operators दोनों variables की value change करके तीसरी नयी value  produce करते है।

 

 

Arithmetic operators

Arithmetic operators variables  के साथ Arithmetic operations perfrom  करने के लिए use किये जाते है।

Operator Explanation Example
Negation (-) Unary Opposite -$a
Addition (+) Addition of 2 variables $a+$b
Subtraction(-) Multiplication of 2 variables $a/$b
Modulus Remain from division $a%$b
Exponentiation First variable raise to power to second variable $a**$b

 

Assignment operators

Assignment operator एक variable को value assign करने के लिए use किया जाता है, (=)  assignment oprator होता है, ये value 2 तरह से assign कर सकते है।

  1. Direct
  2. By reference

यह सबसे आसान  है, variable create करते है और (=) assingment operator लगा कर उसके आगे value  लिख देते है।

Ex. $ = 4;

Ex. $ = “youname”;

अगर आप दुसरे तरीके से variable को दूसरा variable assign करते है, ऐसा करने से right side के variable की  value left side के variable को assign हो जाती है।

अगर आप इसे दुसरे तरीके से variable को दूसरा variable assign करते है, ऐसा करने से right side के variable  की value side के variable को assign हो जाती है। इसे assigning by reference कहते है।

$a  = 4;

$b  = $a ; // b contains 4

 

Bit wise operators

Bit wise operators bits पर operation perfrom करते है। कोई भी decimal memory level पर bits में convert होता है। यदि आप bits पर operration perform करना चाहते है तो wise operators use कर सकते है।

 

Operator               Explanation Example
AND (&)      Common bits from  both variables are set $a&$b
OR  (I)      All bits of both  variables are set $aI$b
X-OR(^)      Bits which are in $a but not in $b are set $a^$b
NOT(~)      All the bit becomes opposite ~$a
Shift Left (<<)      Shift $a bits  $b times to left $a<<$b
Shift right(>>)      Shift $a bits  $b times to  right $>>$b

 

Comparison operators

Comparison  operators दो variables की values को compare करने के लिए use किये जाते है। इसका use control statement में किया जाता है, Comparison variables का result TRUE या FALSE होता है।

Operator Explanation Example
Equal(==) Returns true if both operands are equal $a ==$b;
Not Equal (!=) Returns true if both operands are not equal $a!=$b;
Less  than(<) Returns true if  first variable less than  second variable $a<$b;
Greater than Returns true if  first variable greater than second variable $a>$b;
Less than  equal to (<=) Returns true if first variable is less than or equal to second variable $a<=$b;

 

Greater than equal to (>=) Returns true if  first variable is grater than or equals to  second variable $a>=$b;

 

 

Error control operators

PHP में यह error control operator use किया जाता है। ये oprator होता है, (@) जब आप यह ऑपरेटर  किसी statement के साथ उसे करते है। तो उस statement से generate होने वाली errors को ignore कर दिया जाता है। operator  file handling में ज्यादा use किया जाता है।

 

 

Execuution operators

PHP में यह एक execution opeerator use किया जाता है, ये operator होता है (‘ ‘) इसके ध्वारा आप कोई भी shell command  PHP Code के ध्वारा exucute कर सकते है।

<?php

$a=’yourcommand’ ;

echo $a;

?>


 

Increment/Decrements operators

Increment एंड Decrements operators से आप किसी variable की value को increment और decrement कर सकते है। ये operators (++) or  (–)  होते है यह 2 प्रकार से use किये जा सकते है।

Post increment/decrements – इस तरह के use मे operators variable  के पीछे लगाये जाते है।

Ex. $a++;

Pre increment/decrements – इस तरह के use में operators variable के पहले लगाए जाते है, ये पहले variable को print करने से पहले increase या decrease करते है।

Ex. ++$a

Logical operators

Logical operators logic perform करने के लिए use किये जाते है, operators control statement में use किये जाते जाते है।

operator                  Explanation Example
And  (&&)        true if both variables are true. $a &&$b
Or(II)      True if either  one variable is true. $aII$b
Not(!)         True if variable is  not true.

 

String operators

PHP में 2 तरह के string oprators use kiye जाते है,

Dot ( . ) = ये concatennation operator होता है, ये एक string variable को दुसरे string variable के साथ जोड़ता है  or तीसरा srting  variable बनाता है।

Ex.      $a=  “bitu”,

$b= “sharma”;

$c= $a.$b;

Dot equals  ( .=)  = यह php में operator अपने right side की string को  left  side के vaeiable में add करता है।

  1. $a=  “bitu”;

$a.= “sharma”;


 

Array operators

यह सिर्फ arrays पर apply

Operator Explanation Example
Union ( + ) Add to arrays $a+$b
Equality (==) True  if both arrays  have same values. $a==$b
Identity (===) True  if both arrays  have same values of same type and in same order. $a===$b
Inequality (!=) True  if both arrays are not equal. $a!=$b

 

Type  operators

यह oparator यह decide करता है, कोईobject किसी particular class का है या नहीं PHP का type operator  instanceof होता है।

  1. $ output = $a instanceof yrclass;

 

PHP control statement

control statement  यह  प्रोग्राम के execution को control  करते है। यह logic build करने के लिए उसे किये जाते है, logic के ध्वारा decide  करते है की आप कौनसे statement execute करना चाहते है और  कौनसे statement छोड़ना चाहते है।

अगर आप चाहे तो किसी particular conditon ने किसी statement को execute को होने से रोक भी सकते है। उसे ज्यादा बार execute भी कर सकते है। यह  प्रोग्राम पर पूरा control provide करते है।

control  statement  चार तरह के होते है-

Type statement explanation
selection If,  if-else, swith select and execute statement based on logic.
Looping statement while, do-while, for, for each Executes given number  of statement specified number of times.
Jump statement Continue, break and go-to start  executio from a particular  position in  program
special  PHP statement declare, return, require and include These are special PHP control statements.

 

If statement

If statement में आप condition देते है, यदि condition true है तो if statement के बाद वाले block में दिए हुए statement execute हो जाते है। और अगर condition false है तो compiler brackets को skip कर देता है और statement execute नहीं होते है।

structure Example
if (condiition)

{

//if condiition true,

statement  of here  will  be executed

}

If(3<5)

{

//execute statement here because condition is true

}


 

If eles statement

If eles statement me agar conadition true है तो if के बाद वाला brackets का block execute होगा नहीं तो else के बाद वाला brackets का block execute होगा।

structure Example
If (condition)

{

// if condition true statement of here will be executed

}

Else

{

// if condition false,

statement of here will be executed

}

 

If(3>5)

{

// cant’t  execute  because condition is false

}

Else

{

// execute  statement here because condition इस false

}


 

While loop

while यह एक looping statement है, यह block में दिए हुए statement को तब तक execute करता है जब तक condition true रहती है। condition  के false होने पर while statement का execution रुक जाता है loop को control करने के लिए आप एक condition देते है। उस condition false न हो जाये, यदि  आप condition variable को increase नहीं करेंगे तो condition कभी false नहीं होगी और loop का execution तक चलता रहेगा।

structure Example
while(Condition)

{

// statement you want to execute when condition  is true

// change condition is  ture

// change condition here

(increase condition  variable)

}

$i  =  1;

while($i<5)

{

// statement you want to execute

i++;  // increasing condition variable so that loop can terminate after finite  number of loops.

}


 

Do –  while loop

do while loop यह  while loop की तरह होता है, इसमे statements पहले execute हो जाते है और condition बाद में check होती है।

Structure Exmaple
Do

{

//execute these statements

// increase condition variable

}while (condition)

 

$i=1

Do

{

// execute statement of here, will be executed once for sure.

//change condition

}while($i<5


 

For loop

यह loop बहुत ही simple होता है, इस loop में loop को control करने वाले variables को initialize करते है। condition लिखते है और variable को increment करते है, यह सब एक ही जगह होता है।

structure Example
for(initialization; condition; increment )

{
//statement to execute  when conditiontion is ture
}

for($i=1;  $i<5; $i++)
{
//statement to  execute
}

 

 

For each loop

for each loop arrays को literate करने के लिए बनाया गया है। ये loop सिर्फ arrays के साथ काम करता है, अगर आप इसे  variables के साथ use करते है to ये error शो करता है for each loop के साथ आप array element पर आसानी से operation perform कर सकते है।

structure Example
foreach ($arr_name as  $value)
{
// do something with  array element
}
$arr_name= array(2,4,6,8);

 

Continue and break statement

Continue statement किसी loop की iteration को skip करने के लिए use किया जाता है। अगर आप किसी loop में से कोई ऐसी condition आये जहा पर आप  कोई भी task नहीं perform करना चाहते है, तो इसके लिए आप continue statement का use करते है।

Structure Example
For (initialization; condition;  increment)
If (condition)
{
Continue;
}
For ($i=1;  $i<5; $i++)
{
If($i=3)
{
Continue //it will skip 3rd  iteration
}
}

 

Break statement statements की  sequence को break करने के लिये use किया जाता है। जैसे की आप certain condition के बाद आप loop को execute नहीं कराना चाहते है तो break लगाने से loop terminate हो जाता है।


 

Switch statement

Switch statement if  की तरह ही होता है, switch में cases होते है।आप एक choice देते है, switch के जिस केस से choice match करती है। वही execute हो जाता है, जब कोई भी केस match नहीं होता है तो default  केस execute हो जाता है।

structure Example
switch(choice)
{
case1://statement to  execute  if  choice is 1
break:
execute  if choice is 1
break:case2://statement to execute  if choice is 2
break;
default:
//statement  to execute when no case matches
}
Switch(2)
{
case1:
//this will not be executed   break;
case2:
//  this will be  executed
break;
default:
//this will not be executed
because case matched.
}

 

Declare – declare statement के ध्वारा आप किसी ब्लाक ऑफ़ code के execution को निर्देशित कर सकते है।

structure Example
Declare(directive)// ticks or encoding
{
//statement to apply a directive
}
Declare  (ticks=1)
{
//you may call a function for  all ticks
}

 

Return statement

यह statement ज्यादातर functions के साथ use किया जाता है। जब return statement execute होता है तो execution function से return हो जाता है। return statement के ध्वारा आप function से कोई value या variable भी return कर सकते है।

 

Include statement

यह statement php file को अपनी  किसी file में include कर सकते है। जिस जगह पर आप उस file को include करेंगे उसी जगह उसका content शो होगा जिस file का नाम आपने दिया है यदि वो exist नहीं करती है, यह compiler warning show करता है।

structure Example
<?php

include file_name.php;

?>

< ?php
echo “lest include another file”;
include other_file.php;
?>

 

Go to statement

Go to statement program में किसी दुसरे section में जाने के लिए use किया जाता है।

structure Example
<?php

 

//statements

 

goto a;

//statements

 

a;

// statement

?>

<?php

 

goto a;

cho  “skip this “,

 

a:

echo “print this first”;

 

?;


 

 PHP functions 

 

Introduction  to PHP functions

यह आपके program में कोई ऐसा task है जिसे आपको बार-बार execute  करने की जरुरत है। तो  उस task program में अलग अलग जगह पर  कोड लिखने की बजाय एक function create कर सकते है ।जब भी उस task को perform करने की जरुरत हो तो function को अलग-अलग जगह पर call कर सकते है।

इससे time भी बचता और कम्पुटर की मेमोरी भी बचती है साथ ही आपका program भी शोर्ट और readable बन जाता है। इसे code re-usability कहा जाता है। एक ही code को आप अलग – अलग जगह पर use कर सकते है।

 

Types of  function

PHP में 3 तरह के functions use किये जाते है।

user-defined functions

Structure Example
Function func_name (arg1, arg2, …. . argn)

{

//perform  any task  here

}

 

Function  my addfunction($a, $b)

{

$result =$a+$b;

Echo  “Addition is :” $result);

}

 

 

PHP  में function create करने के लिए सबसे पहले function keyword लिखते है। इसके बाद function का नाम लिखा जाता है। इसके बाद ब्रकेट्स में arguments पास किये जाते है। यह function को call करवाते समय पास की जाती है। function 2 numbers के addition का है तो आप add करने के लिए 2 numbers पास कर सकते है। arguments के बाद curly brackets में कुछ  statement होते है जिन्हें आप execute करना चाहते है।

PHP में function call करने के लिए सिर्फ function का नाम लोखते है और उसके बाद brackets में required arguments पास करते है।

PHP function को कई तरह से call कर सकते है,

<?php

function my addfunction($a, $b);

{

return $a + $b;

}

$result = myaddfunction(3,5);

echo “addition is $ result”;

?>

Php में function create करते समय अगर आप चाहे तो default argument भी दे सकते है, function call के दौरान जब user कोई argument नहीं पास करे तो default argument use किया जाता है। किसी भी argument को default argument देने के लिए आप उसके आगे assignment operator (=) लगा के default argument लिख देते है।

<?php

function hello  ($user name = “sir/Mam”)

{

echo “Welcome  $username”;

}

hello ( );

?>

अगर user खुद का नाम नहीं पास करता है तो welcome की बाद Sir/Mam शो होगा।


 

Built-in  functions

यह PHP program  के अन्दर आपका काम  और भी आसान बना देती है।

Functions Examination
Echo ( ) Prints text and variables, does not return value.
Print ( ) Print text  and variables, returns value of 1
Mysql_connect ( ) Connects to mySQL database.
Date ( ) Prints current date.

 

Count (  ) Used  to count number of character in strings.
File_exists  (  )  Checks whether a file exists.

 

Anonymous  function

PHP में जो functions add किये गए है, जिन्हें anonymous function कहते है। इन functions की सिर्फ body होती है। इनका कोई नाम नहीं होता है। इन functions को  किसी भी expression के बिच में use कर सकते है। इसके लिए function keyword use करते है।

<?php

$var =  function ( )

{

return  2+2;

};

?>


 

 PHP Classes and Objects 

 

Introduction to  PHP classes

classes किसी भी object oriented programming language का बहुत important concept होती है। यह different data types और functions का collection होती है।


 

 

Features use of  Classes

Data secure हो जाता है, दुसरे तरह के data से separate हो जाता है, Programmer का पूरा focus डेटा पर होता है। program की complexity कम हो जाती है, यह भी दूसरी language की तरह ही create की जाती है। लेकिन PHP classes में कोई main method नहीं होता है। class create करने के लिए आप class keyword use करते है।

<?php

class myclass

{

$name = “ray”;

}

?>


 

Creating objects

php में objects create करना बहुत ही आसान है।

</php

class myclass

{

$name = “ray”;

}

$obj = new myclass ( );

echo $obj-name;

?>


 

Visibility

PHP में visibility का यह define करता है कि आप कौन कौन से function, property या class को access कर सकता है। ये classes, methods और properties के लिए एक protection लेवल होता है। ताकी हर कोई आपके date को access न कर सके, यह 3 तरह की होती है।

Visibility Purpose
Private No other classes, methods or properties can access your class, method or property।
Public All other classes, methods or properties can access your class, method or property।
Protected Only inherited class can access your class, function or property।

 

PHP   Properties

Class के अन्दर जो variables declare करते है वो properties कहलाती है। अगर property non-static है तो आप (->) operator के के माध्यम से access करते है। और अगर property static है तो ( : : ) operator के द्वारा access करते है।

<?php

class myclass
{
public  $name  =  “Ray”; // A  non static property
}
$obj =  new  myclass ( );
echo  $obj-name;  //  Accessing  non static property
?>

static property Ex.
<?php

class myclass

{

public static $name = “Ray”; // Creating static property

}

echo myclass :  : $name ; // accessing static property

?>


 

Constructors and destructors

जब भी कभी ऐसा हो की object को use करने से पहले कुछ initialization करना हो या कोई दूसरा task perform  करने की जरुरत पडी तो ऐसी स्थिती में constructor create कर सकते है। constructor एक method के तरह ही होता है, जब किसी class का object create करते है तो उस class का constructor call होता है। object को use करने से पहले जो काम जरुरी है, वो method में perform किये जाते है।

constructor functions की visibility public होती है। किसी function की तरह  constructor में भी arguments पास कर सकते है।

किसी भी class का constructor create करने के लिए आप _construct नाम का एक method define करते है।

<?php

class myclass

{

public function _construct  ( ) //constructor

{

echo “hiii”;

} }

$obj = new my class ( ); // calling  the constructor

?>

 

Destructor को object destroy करने के लिये किया जाता है।PHP में यह काम garbage collector द्वारा automatically किया जाता है, लेकिन फिर भी अगर आप चाहे तो  किसी object को destroy कर सकते है।

Object को destroy करने के लिए _destroy नाम से एक function create करते है, object के destroy होने पर यदि कोई task perform करना चाहते है तो वो ऐसे कर सकते है।

<?php

class  myclass

{

public function  _construct (  )

{

echo   “Hii” ;

}

public  function _destruct ( )

{

echo “Byee”;

} }

$obj  = new myclass ( ) ;

?>


 

Abstract classes

Abstract classes का आप object नहीं कर सकते है। Abstract classes इसलिए बनायी जाती है, ताकी दूसरी classes उन्हें inherit कर सके। abstract classes  में Normal function तो create कर ही सकते है, साथ ही  abstract function भी create कर सकते है। इसके लिये abstract keyword use करते है।

Abstract function वो function होते है, जो सिर्फ declared होते है ऐसे functions की कोई definition नही होती है। जिस class में एक भी abstract function होतो class भी abstract declared होनी जरुरी है। abstract function की definition abstract class को inherit करने वाली class देती है।

जब भी कोई class किसी abstract class को inherit करती है, वे सभी abstract function की definition provide करती है।

<?php

abstract class my class

{

abstract  protected function myabstract function (  );

public function my NormalFuntio ( )

{

echo “this is normal  function and this  have a body. “;

} }

class myotherclass extends myclass

{

//now this class must provide  definittion of  abstract function  it इस necessary.

protected function  myabstractfunction( )

{

echo  “this is abstract function;”;

}

}

?>


 

Inheritance

Inheritance यह एक object oriented  principle है, बाकी दुसरे program languages की तरह ही php भी inheritance को support करती है। इस features से एक class किसी दूसरी class के  public और protected functions को extend करती है or use कर सकती है। ऐसा करने से same functions को  बार-बार लिखने के काम से आप बच जाते साथ हे मेमोरी अपके भी बचाता है।

दूसरी class के functions को extend करके उन्हें वैसा का वैसा ही use कर सकते है। या फिर अपनी खुद की definition भी provide कर सकते है। किसी class को inherit करना बिलकुल simple है, इसके लिए आप extends keyword use करते है।

<?php

class my class

{

public function  printitem($string)

{

echo “this is inheritance example”;

}

}

class my otherclass extends myclass

$obj = new my class ( );

$obj = new my otherclass ( );

$obj = printitem(“pen”);

$obj2  = printitem(“pen2”);

}

?>


 

Interfaces

Interface में  ऐसे methods declare करते जिनकी body नहीं होती है। Interfaces किसी class को बताते है, कि उसे किस तरह के methods implement करना जरुरी है, इन functions की body वो class provide करती है जो interface को implement करती है। एक interface किसी दुसरे interface को भी extend कर सकता है, एक class एक से ज्यादा interfaces को implement कर सकती है।

Interface create करना simple है, इसके लिये आप interface keyword use करते है।

<?php

interface  myinterface

{

function  displayname ($name);

}

class myclass implements myinterface

{

echo $name;

}

}

$obj = new myclass ( );

$obj->displayname (“ray’);

?>


 

 PHP strings 

 

Introduction PHP strings

जब बहुत से characters को एक साथ sequence मे लिखा जाता है, तो एक string बनाते है, string कुछ elements से मिलकर बनी हो सकती है।

  1. Letters – एक string small letters (a-z)  (A-Z) से मिलकर बनी हो सकती है।
  2. Numbers – यह 0 से लगाकर 9 तक का कोई भी number हो सकता है।
  3. special characters – एक string में special characters (@#$%^&!) भी हो सकते है special characters को string के रूप में display करने के लिये escape sequence characters भी काम में लीये जाते है। Webpage or  database में string का महत्व ज्यादा होता है।

PHP strings के साथ work करने के लिए support provide करती है।

 

Creating PHP Strings

PHP  में strings किसी normal variable की तरह ही create करते है।

$string-name – “string”;

इसे आप single quotes में लिख सकते है।

$string-name- ‘string’;

 

इसका simple  ex.

$mystring  – ‘’hello reader!”;

इससे mystring नाम से एक  string create हो जाती है।

 

Displaying PHP string

PHP  में string को display करने के लिए echo statement  को सबसे अधिक use किया जाता है।

echo “$string-name “;

 

ऊपर create की गयी my string को display इस तरह से कर सकते है।

echo “$mystring”;

 

कुछ ऐसे characters string के रूप में display करने के लिए आपको escape sequence characters की आवश्यकता होती है। इनमें से कुछ दिए जा रहे है।

\n – ये new line करैक्टर होता है, इससे पॉइंटर दूसरी line में चल जाता है।

\r  – ये carriage return character होता है, इससे पॉइंटर line के शुरू में चल जाता है।

\t- इसके द्वारा string में tab space देते है।

\$- string  में $ singn को include करने के लिए इस character को use करते है।

\” – यह string में डबल quotes show करता है।

\\- string में black slash  character show करने के लिए इस escape  sequence character को use कर सकते है।

<?php

$mystring – “All \ “The \” best”;

echo  “$mystring”;

?>


 

 

PHP  String  Function

PHP लगभग 100 built in string  functions provide करती है।

Strlen  ( )

इसकी सहायता से किसी भी string की length प्राप्त कर सकते है। इस string में एक constant string या string variable पास करते है। यह function string में जितने characters है उतनी ही संख्या return करता है।

<?php

$mystring =  “all the best”;

echo strlen($Mystring);

?>

 

str_replace( )

इस  function के ध्वारा किसी भी string में से कोई भी word  remove करके उस string को show कर सकते है। argument के रूप में आप इस function में string variable या constant string और वह word जिसे string से remove करने के लिए इन्हें pass करते है।

<?php

$mystring – “All the best”;

echo str_replace (“the”, $my string);

?>

इसमे mystring से the word को remove करेगा All best ही show करेगा।

Str_word_count ( )

इससे किसी भी string में word की संख्या count कर सकते है। argument के रूप में आप एक string variable या constant string पास करते है। यह उस string में words की संख्या return कारता है।

<?php

$My string –“All The best”;

echo str_word_count($mystring);

?>

इससे result में 3 show मिलेगा

Strrv ( )

इस function की सहायता से किसी भी string को reverse order में display  करवा सकते है।

<php

$My strrev($MyString);

?>

 

PHP namespaces

यह deta को एक साथ bind करने के लिए use किया जाता है, यह same name की class एक ही प्रोजेक्ट में use करने के लिए भी use होता है। जैसे की एक ही प्रोजेक्ट के same name होने से error आ show होती है लेकिन अगर आप अलग-अलग namespace की जगह रखते है।

इसमे आप classes,  interfaces और functions store भी करवा सकते है।

 

Defining namespaces

namespace के declare करने के लिए namespace keyword use किया  जाता है, यह file मे सबसे ऊपर करना चाहिए।

<?php

namespace  mynamespace;

//Interfaces

//classes

//functions

?>

वह classes जिनको  एक namespace में डालना चाहते है, उन सबको एक ही file में रखना जरुरी है। जिस भी content को उस  namespace में डालना चाहते है उस file में टॉप पर वापस namespace को declare कर सकते है। ऐसा करने से उस file का content भी उसी namespace में आ जाएगा।

 

Sub namespaces

किसी sub file  directory की तरह ही आप sub namespace भी create कर सकते है।

<?php

namespace mynamespace/mysubnamespace;

//Interfaces

//classes

//functions

?>

Using Namespase

किसी भी classes, interfaces और functions को namespace के नाम से access कर सकते है। इसके लिए पहले namespace का नाम  लिखते है उसके बाद (/)  लगा के जो class,  interface या function use करना चाहते है उसका नाम लिखते है।

 

file 1. php  file

<?php

namespace mynamespace;

class  myclass

{

public function_construct

{

echo “this is a namespace”;

}

}

?>

 

file 2. php file

<?php

require  “file1.php”;

$obj = new mynamespace/myclass;

?>

 


 

 PHP Iterators and Generators 

 

Introduction to PHP iterators

अगर PHP में arrays objects है आप for each loop का use करते है हुए array के सभी elements को print करवाते है। उसी तरह for each loop में किसी class का object  भी पास कर सकते है और उस class को  इतेराते कर सकते है।

<?php

$arr = arry (1,2,3) ;

foreach ($arr as $ value)

{

echo $value;

}

?>

 

class को for each loop से इतेराते करने के लिये आपको अपनी class में Iterator interface को implement करना होगा। और Iterator interface के 5 abstract methods की definition अपनी class में provide करनी होती है।

  • Current ( ) – Used to print current value और perform current task.
  • key( ) – this function respresent the key that will be used to  iterate with in class.
  • next( ) – This function is same as for loop increment part.
  • rewind ( ) this function is  same as for loop  initialization part.
  • valid ( ) This  function is same as for loop condition checking.

 

<?php

class  my  class implements Iterator // implementing iterator

interface

{

public function my function ( )

{

echo “hi” .PHP_EOL;

}

function rewind ( ) // for loop  initialization

{

$this ->i0;

}

Function current ( ) . // for loop body

{

Echo  $i  –   “jai”;

$this     – >  my function ( ) ;

}

Function key  (  ). //key  to iterate i

{

Return $ this – >I;

}

Function next ( ).  // increment part of for loop

{

$this – > i++;

}

Function  valid ( )

{

Return  $ this – > I  < – 5;

}

}

$obj  = new my class (  );

Foreach ($obj as $ value). // for each loop iterating a class

{

echo $ value;

}

?>


 

Introduction to PHP Generators

एक iterator create करने के लिये ऐसी class का object create करना पड़ता है, जो iterator interface कर सकते है लेकिन generator की मदद से आप easily iterator implement कर सकते है।

<?php

function  mygeneratorFunc ( )

{

$message  – “this is  a generator  function”;

$message 2 – “Yield can return many values”;

for ($i =  1; $i <=3$i++)

{

yield  $message;

yield $ message2;

}

}

$ genobj – mygeneratorfunc( );

foreach  ($genobj as $ value)

{

 

PHP   References

PHP  में references को अलग अलग purposes के लिये program में use कर सकते है, ये pointers की तरह नहीं होते है।

<?php

$a  – & $b ;

$a  –  “Indian”;

echo $ a; //It  will print Indian

echo $b ;  //  It will also print Indian

?>

दिए  हुए program में जब दोनों variables की vale print की जाती है, तो दोनों same value print करते है।

यदि किसी ऐसे variable को assign, pass और return करने की कोशिश करते है, जो create नहीं किया गया है तो वह variable automatically create हो जाता है।

<?php

function myfunction(&$a)

{

$a – 2;

echo $a;

}

my function($a);

?>

अगर for each loop में भी referenced variables use करते है, तो  दोनों variables की value update होती है।

<?php

$arr – array (1,2,3,4,5,);

$number – & $ value;

foreach($arr as $value) ;

{

echo $ value;

}

echo $ number;

echo $ value;

?>

 

Assigning  by reference

किसी एक variable को दुसरे variable की value assign करना बिलकुल simple है। इसे इस तरह से कर सकते है।

ex.

$a = & $b

Passing  by  reference

आप references से कोई variable नहीं पास करके उसका reference भी पास कर सकते है।

<php

function my function(&$num)

{

$num  – $ num – 2 ;

}

&a   – 5 ;

my function($a);

echo $a;

/>

 

Returining reference

किसी भी function से reference return करने के लिए function के नाम से पहले ampersand (&) operator use करना होगा।

<?php

class my class

{

public $name – “jai”;

public function &my function ( )

{

return $this ->$name; // returns reference of  $name

}

}

$obj – new my class ( )

& myname – &obj->my function( ); //assigning by reference to

$my name

echo $ my name; // prints jai

$obj –  > name –  “jai ho”;

echo $myname; // prints jai ho

?>


 

 Introduction तो PHP Errors 

 

जब  भी आपके program में किसी प्रकार की error आती है, तो PHP उसे एक रिपोर्ट की तरह show करती है।

Types  of PHP errors

 

Constans Description
E_Error यह एक रन  टाईम  error होती है, इससे program रुक जाता है।
E_warning यह run time wirning  होती है, इससे program  रुकता नहीं है।
E_ Parse यह compile time parse erros होती है.
E_Notice यह run time में Notice  होता है की  error gererate हो सकती है।
E_core_Error यह PHP के startup में आती है.
E_Core_ warning यह  warning PHP के startup में show होती है।
E_ compile_Error यह PHP code को  compile करते समय होती है।
E_compile_warning यह warning होती है, जो PHP कोड  को compile करते समय show होती है।
E_user_error यह user के ध्वारा generate की गयी होती है।
E_User_warning यह user के ध्वारा generate की गयी warning होती है।
E_User_notice यह  user के ध्वारा generate किये हुए notices होते है।
E_Strict यह आपके code को improve करने के लिए PHP ध्वारा दिए हुए suggestions होते है।
E_ Recoverable_

Error

यह Erros  आसानी से पकड़ में आ जाती है, इससे कोई नुकसान नहीं होता है।
E_All यह सभी errors को एक साथ represent करने के लिए use की जाती है।

 

Error Handling

जब  भी program में किसी भी प्रकार की error आये तो उसे handle करना बहुत जरुरी होता है। इसे आप खुद आसानी से कर सकते है। इसके लिए सबसे पहले die( ) function use कर सकते है।

<?php

if (error_condition)

{

die (“Error Message”);

}

?>

इससे error की condition को चेक किया जा सकता है।

 

PHP में error handle करने का दुसरा तरीका यह की आप खुद का error हैंडलर create कर सकते है। इसके लिए function  use करने होते है।

<php

function errorfunction ($errno,  $errstr)

{

//handle errors here

}

?>

 

जब error handler  define हो जाता है तो उस तरह की errors के लिए इसे set भी करना पड़ता है. यह इस प्रकार कर सकते है।

set_error_handler(“myerrorfunction”) ;

 

अगर आप किसी user के लिए आप खुद error create करना चाहे तो यह भी आप कर सकते है, इसके लिए जैसे की आप किसी user से 10 से ज्यादा value input ना करे उसके लिए error show करवाना चाहते है तो ऐसा इस प्रकार कर सकते है।

if ($value>10)

{

trigger_error(“value can not be more than 10”) ;

}

 

PHP Exceptions

PHP में exception handling के लिए कुछ keyword की मदद से exceptions को handle करते यह किसी program या application के run time पर आती है। जिनकी वजह से program का execution रुक जाता है, इसके कुछ keyword बताये जा रहे है।

Constants Description
Try यह एक ब्लॉक् होता है, इसमे आप वो कोड लिखते है, जिससे error generate हो सकती है।
Catch इससे exceptions को catch करते है, और उनपे action लेते है।
Throw यह exceptions throw  करने के लिए use किया जाता है।
finally इसमे exception को handle करने के बाद task perform करना चाहते है।

 

 

<?php

$num –  4;

 

function  anyfunction( )

{

$result –  $num/0;

echo  $ result;

}

try

{

anyfunction( );

}

catch (exception $e)

{

echo “exception occurred”, $e- getmessage;

}

finally

{

echo  “Reaming task here”;

}

?>


 

PHP From Handling

 

Introduction to Forms

अगर आप user की information लेना चाहते है तो आप PHP Form बना के ऑनलाइन from भी भरवा सकते है, इसे HTML forms के ध्वारा ही अपनी information पास करते है। किसी भी web page पर use से data input ले सकते है।

HTML from को  PHP के ध्वारा handle करना है, तो आप action attribute में किसी PHP file नाम देना होता है, इसे इस प्रकार किया जा सकता है।

fromsdemo.html file

<html>

<head>

<title>froms Demo</title>

</head>

<body>

<from action-“fromsdemo.php” method-“GET”>

Enter Name : <input type-“text” name- “username”>

Enter Age : <input type-“text”  name-“Age”>

<input type – “submit”>

<from>

</body>

</html>

fromsdemo.php file

<?php

$username – $_Get (“username’’);

$age – $_get (“age”);

echo “name”, $username;

echo “age”, $age;

?>

ऊपर दिए formsdemo.html file में एक from create किया गया है। इस from में action के रूप में formsdemo.php file को define किया गया है जिसके साथ एक method define किया गया है। जो की GET define किया है जो PHP file में get array के द्वारा information from से ली जाती है। इस information को या तो database में store कर सकते है, जिसे PHP file को browser में ही print कर सकते है।


 

Introduction to PHP sessions

जैसे की अगर आपकी website पे कोई user अकाउंट को login करता है, तो sessions स्टार्ट हो जाता है। जैसे ही वह logout करते है तो आपका session expire हो जाता है।

जब भी Sessions उपयोग होता है। जब user आपकी website की surfing करता है, तो एक पेज से  दुसरे पेज पर जाता है। sessions के ध्वारा data अलग-अलग pages पर available हो जाता है।

cookies का use session को दुबारा स्टार्ट करने के लिए किया जाता है। जब भी आप किसी website पर आप जाते है तो उस website पे आपकी ID cookies के रूप  में session ID store कर देती है। जब आप उसी website पर फिर से जाते है तो cookies में से उसी ID के साथ session शुरू किया जाता है।

 

Working of PHP sessions

PHP में session के साथ आप  काम इस तरह से कर सकते है। session_start( ) function session को  स्टार्ट करने के लिए use किया जाता है, यह स्टार्ट करने से पहले चेक करता है अगर पहले से कोई session शुरू नहीं है, तो यह new session स्टार्ट करता नहीं होता है।

sessiondemo.php

<html>

<body>

<h1>No matter how many pages you visit your information will  बे available.</h1>

<?php

session_start( ); //starting session

$_session[‘name’ ]-“max”;

$_seccion[‘country’] – “india”;

?>

<a href-“sessiondemo2.php”>visit this page</a>

</body>

</html>

 

sessiondemo2.php

<html>

<body>

<?php

session_start (  );

?>

<h1>this is a different page but your information will be available  through session.</h1>

<?php

echo “user  name “.$_session[‘name’];

echo “user name“.$_session[‘name’];

echo “user country”.$_session[‘country’];

?>

</body>

</html>


 

 PHP cookies 

 

Introduction to PHP Cookies

cookies पुराने user को  identify करने के लिए use की जाती है यह छोटी सी file होती है। यह जब भी कोई website को visit करता है, तो उसकी ID cookies को store कर देती है।

जब  कुछ दिनों बाद अगर website को जब वापिस देखते है तब cookies से यह पहले से store id की इनफार्मेशन को send कर देता है। जिससे पता चल सकता है की वह user उस website पर पहले visit कर चुका है।

यह दो तरह की होती है –

  • Analytical cookies – इसकी सहायता से आप पुराने visitors को  recognize कर सकते है, इससे visitor की संख्या का भी पता भी लगा सकते है।
  • functional cookies –  इस cookies से पुराने user के perform का पता लगा सकते है की वह क्या पसंद करते है। Best use of cookies user experience को improve कर सकते है। इससे user को identify कर सकते है visitors की संख्या का पता लगाने के लिए PHP में cookies को इन function की सहायता से करते है।

setcookie(  ) – यह  function cookies create करने के लिए use किया जाता है।

isset ( ) – इस function से चेक कर सकते है  की कोई cookies  पहले से बनी है या नहीं।

 

Creating cookies

PHP में cookies create करने के लिए setcookie( ) function use करते है  इस function के 6 तरह के parameters होते है ,

<php>

setcookie(name-of-cookie, value, expire-time, path, domainname, sequrity);

?>

 

name-of-cookie– यह cookie का नाम होता है, यह एक unique नाम होता है, इससे ही उसकी value पास की जाती है,

value – वह value होती है जिसे store करना चाहते है, यह कुछ भी हो सकता है.

expire-time – यह वो time होता है, जब तक के लिए cookie को आप store करना चाहते है

path – यह  उस directory का पथ होता है जहा पर cookie को store करते है.

domin-name – ये domin का नाम होता है, जो आपकी website का नाम होता है,

secturity– इसे cookies की सिक्यूरिटी के लिये use करते है

 

<?php

setcookie(“name”, “name”, 100000, “/cookies/”,” ”, 0);

setcookie(“country”, “india”, 100000, “/cookies/”,” ”, 0);

?>

 

 

Accessing cookies

यह PHP में cookies  $_cookie[ ] arry में store की जाती है,  अगर आप किसी एक cookie की value को access कर सकते है। जैसे अगर कोई पुराना user वापस आता है तो उसके नाम के साथ welcome message print करवा सकते है, अगर पहले user की cookie का पता करने के लिये isset( ) function use  करते है।

<?php

if (isset($_cookie[“name”]))

{

echo “good morning”.$_cookie[“name”];

}

?>

 

Deleting  cookies

cookie को use करने के बाद में इसे मिटा भी सकते है।

setcookie( ) function को सिर्फ cookie के नाम के साथ call करते है।

setcookie( ) function को past की किसी date के साथ call करते है।

 

<?php

setcookie(“name”); //here name is the name  of cookie.

?>


 

 

 PHP File Handling 

 

Introduction to file Handling

PHP कुछ functions provide करती है, जिनकी मदद से files को आसानी से handle कर सकते है, PHP में files के साथ आप 6 तरह operation perform कर सकते है।

  • Opning  a file
  • Reading a file
  • writing a file
  • Appending a file
  • Closing  a file
  • Deleting a file

Opening a file

किसी भी फाइल को open करने के लिए php fopen ( ) method provide करती है। इस method में 2 argument पास किये जाते है इसमे पहला argument file का नाम  होता है। दूसरा use किस मोड में open करना चाहते है, वह मोड होता है।

PHP file को कई modes में open कर सकते है। ये सभी modes एक character के द्वारा represent किये जाते है।

modes Explanation
r इस mode से files को सिर्फ read किया जा सकता है.
r++ इस mode  से file को read और write किया जाता है
w इस mode file को केवल write किया जाता  है
w+ इस mode से read or write दोनों किये जा सकते है.
a यह mode file में नए contact को  add करता है
a+ इस mode पे read कर सकते है साथ में append भी कर सकते है.
x इस  mode से नयी file create कर सकतेहै और write भी कर सकते है
x+ इस mode से आप read और write दोनों  कर सकते है

 

किसी भी file के साथ किसी भी तरह का operation perfrom करने के लिए सबसे पहले file को open करना जरुरी होता है।

<?php

$myfile  –  fopen(“myfile.txt’’,”w”)

?>

 

Reading from a file

किसी भी file को read करने के लिये आपको 2 function use करने पड़ते है। इसके लिए fread( ) function use करते है। इस इसमे file के साथ उसकी length भी पास की जाती है। इसके लिए filesize( ) method use करते है।

<?php

$file1 – fopen(“myfile.txt”, “r+”);

$filesize($file1);

$filedata – fread($fiel, &filesize);

/>

 

 

Writing to a file

किसी भी PHP file में data store करने के लिए आप fwrite( )  function use करते है। इसमें file pointer और data pass किया जाता है।

<?php

&myfile – fopen(“myfile. txt“, “w”);

fwrite(“$myfile”, “this website  इस cool”);

?>

 

Appending  to a file

PHP  में जब भी किसी file में data write करते है, तो उस file का previous data delete हो जाता है। अगर आप चाहे तो a mode use करके data को delete होने से बचा सकते है साथ ही new data add  भी कर सकते है।

<?php

$myfile – fopen(“filename.txt”,”a”);

fwrite($myfile, “and I am also cool.”);

?>

 

Closing a file

PHP file operation complete होने के बाद file stream close करने के लिए PHP fclose( ) method provide करती है। इसे इस प्रकार कर सकते है –

<?php

$myfile – fopen(“filename.txt”,”w”);

// do some operations here

fclose($myfile);

?>

 

Deleting a file

PHP में अगर किसी file को delete करना चाहते है, तो इसके लिये PHP uplink method provide करती है।

<?php

$myfile – fopen(“filename.txt”,”a”);

// do some operations here

unlink($myfile);

/>

 

 

PHP database handling (mySQL)

किसी भी web application का data किसी database में सेव करना सबसे important होता है। database में आपका data secure रहता है, PHP के साथ use होने वाला database MySQL है। यह open source database है।

MySQL  के साथ काम करने के लिये PHP कुछ predefined function provide करती है। जिन्हें use करके आसानी से My SQL के साथ काम कर सकते है।

 

mysql_connect()

MySQL database के साथ काम करने से पहले MySQL database से connect करने के लिए इस function को call किया जाता है। इस method में तीन arguments पास  किये जाते है।

  • पहला argument server का port number होता है।
  • दूसरा argument database का user name होता है।
  • तीसरा argument database का password होता है।

इस function की value variable में store की जाती है।

</php

$con – mysql_connect(“server port no”, “username”, “password”);

?>

 

PHP  में आप जिस database के साथ काम करना चाहते है। वो database आप इस function के द्वार्ता select करते है, इस function मे 2 argument पास किये जाते है।

  • पहला argument database का नाम होता है।
  • दूसरा argument database connection variable होता है यह method कुछ भी return नहीं होता है।

 

 

<?php

mysql_select_db(“database-name”,$con);

?>

 

Mysql_query()

PHP में इस function में आप mysql की query पास करते है। ये function उस query को database के against execute करता है। और उस query का result एक array के रूप में return करता है। इसलिए  जब इस function  को call  करते है,  तो एक variable में इसकी value store करवाते है।

<?php

&query – mysql_query(“show tables”);

?>

 

mysql_result()

PHP में यह function query का result शो करता है। इस function को echo statement में use कर सकते है। यह function एक बार में एक ही element शो कर सकत्या है। इस function में 3 argument पास किये जाते है।

  • पहला argument variable होता है जिससे query का result store कर सकते है।
  • दुसरे argument की तरह  जिस row से आप data शो करना चाहते है वो row number पास करते है।
  • तीसरे argument की तरह जिस column का data show करना चाहते है, उसका नाम पास करते है।

<?php

echo  “salary  is :”.mysql_result($query,1,”tables”);

?>

 

mysql_fetch_arry()

PHP में आप एक एक value शो करने की बजाय आप एक साथ अपनी query के result की एक पुरी row show कर सकते है। इसके लिए आप  mysql_fetch_arry()  function use करते है। इस function में query variable argument की तरह pass किया जाता है।

इसको व्हिले loop के साथ  use करके अपनी query का पूरा result show कर सकते है,

<?php

$query  -mysql_query(“select name from employees”);

while($row – mysql_fetch_arry($query))

{

echo  “employee  names are : “.$row[“name”];

}

?>

Example –  Submitting HTML from  data to database उसिंग PHP

 

 

databasedemo.html

<html>

<body>

<from method-“post”  action-“databasedemo.php”>

Name : <input type- “text” name- “name”>  <br />

Mob.  No.  : <input type – “text” name- “name” > <br />

<input type- “submit” value- “submit”>

</ from>

</body>

</html>

 

Databasedemo.php

<?php

$Name – $_POST[‘name’];

$Mob. No. –  $_POST[‘Mob. No.’];

$-  mysql_connect(“3306”, “BHT”, “123”);

Mysql_select_db(“myDB”,$con);

$query  – mysql_query(“INSERT INTO userinfo(Name, Mob. No.)

VALUES(‘$name’, ‘$Mob.no.’)”);

If($query)

{

Echo  “Information submitted  successfully.”;

}

Mysql_close ( );

?>


 

 PHP Filters 

 

Introduction to PHP Filters

ज्यादातर सभी website applications बाहरी इनपुट पर निर्भर होती है।

  • user ध्वारा input किया गया data
  • wed सर्विस का data
  • Cookies का data

database से query किया गया data आदि सभी प्रकार का data। बाहरी इनपुट का source कुछ भी हो इसलिए किसी भी प्रकार की application इनपुट के अनुरूप ही आउटपुट प्रदान करती है। यदि इनपुट एक्यूरेट नहीं है तो आउटपुट भी एक्यूरेट नहीं होगा  इसलिए किसी भी website application में इनपुट को filter करने की capability होनी चाहिए।

इसके लिए PHP filters provide करती है। इसके लिए PHP आपको built in methods और predefined filter constants provide करती है।

PHP filter functions

PHP ध्वारा provide किये जाने वाले कुछ built in functions इस प्रकार है –

filter_has_var()

यह function यह चेक करता है की specified input type का variable exist करता है या नहीं इस function में 2 arguments पास किये जाते है।

filter_has_var(input-type, variable-name);

पहला argument इन input types मे से होता है

  • INPUT_GET
  • INPUT_POST
  • INPUT_COOKIE
  • INPUT_SERVER
  • INPUT_ENV

 

filter_id ( )

यह function filter की id return करता है। इसके ध्वारा  argument के रूप में filter का नाम पास किया जाता है।

filter_id (filter_name);

 

filter Input

यह function किसी भी external variable को filter करता है,  इसमे चार argument पास किये जाते है।

filter_input(input-type, variable-name, filter_constant, options);

 

filter_input_arry( )

यह  function बहुत से external variables को एक साथ filter करने के लिए use कर सकते है, इसमे 3 arguments पास करते है।

filter_input_array(input-type, arry, add-missing);

 

filter_list

यह filter सभी filter constant की list को return करता है, इसमे कोई argument पास नहीं किया जाता है।

filter_list ( );

filter_var_arry ( )

filter_var_arry(variable-arry, filters-arry);

filter_var ( )

यह function पास किये गए variable को पास किये गए filter name से filter करता है, इसमे तीन arguments पास किये जाते है।

filter_var(variable-name, filter-name, flags);

 

PHP filter Constans

PHP में यह 2 के होते है,

  • Validate filter constantsयह filter constants variable की value  को  appropriate  from के लिए  validate करते है.
  • Sanitize filter constantsये filter constants  variable  की value में से illegal characters को remove करते है.

filter_validate_boolean

यह PHP में filter variable की value को boolean के रूप में validate करता है। अगर variable की value 1, true, on या yes हो तो TURE return किया जाता है, यदि variable की value0,  false, off या no है तो FALSE  return किया जाता है।

filter_validate_email

यह php में filter email  को  validate करता है। अगर variable की value किसी email address की from में है, तो true return किया जाता है।

 

filter_validate_flote

ये filter variable की value को float के  रूप में identify करता है। अगर variable की value एक float number है तो यह  filter true return करता है।

filter_validate_intये filter variable की value को integer के रूप में identify करता है। अगर variable integer number है तो true return किया जाता है, इसमे कुछ option use कर सकते है।

min_range – यह  option minimum  integer value define करता है।

Max_range – यह option maximum integer value define करता है।

Filter_Flag_Allow_Octal – यह option octal number values को allow कर सकते है।

filter_flat_allow_hex – इस option से आप hexadecimal values को allow कर सकते है।

filter_validate_IP – ये filter variable की value को IP address के रूप में validate करता है, इसके साथ  कुछ option use कर सकते है।

Filter_flag_IPV4 – यह option बताता है की value IPv4 address होना चाहिए।

Filter_flag_IPV6 – यह option बताता है की value IPv6 address होना चाहिए।

Filter_flag_No_Priv_range – यह field बताता है की IP address private range का नहीं होना चाहिए।

Filter_flag_No_Res_range – यह  field बताता है  की  IP  address reserved range का नहीं होना चाहिए।

Filter_Validate_Regexp

यह filter regular expression को validate करता है, इस filter के साथ आप regexp option use कर सकते है। जो regular expression define करने के लिए use किया जाता है, जो regular expression define करने के लिए use किया जाता है।

Filter_validate_Url

यह filter किसी variable की value को url के रूप में validate करता है, अगर variable की value एक url है तो ये filter true return करता है।

Filter_Sanitize_Email

यह filter एक email address में से सभी illegal characters को remove कर देता है।

Filter_sanitize_number_flote

यह filter एक float number में से सभी illegal characters को  remove कर देता है।

Filter_sanitize_number_int

यह filter एक integer number में से सभी illegal characters को remove कर देता है।

Filter_sanitize_string

यह filter एक string में से special characters को remove कर देता है।

Filter_sanitize_url

यह filter url में से illegal characters को remove कर देता है।

filter_Callback

यह filter value को filter करने के लिए user द्वारा यह define किये गए function को call  करता है।

 

 

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