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राजस्थान के प्रमुख महल मंदिर पर्यटन स्थल | Rajasthan GK

राजस्थान के प्रमुख महल मंदिर पर्यटन स्थल by Innoza IT Center, Udaipur

 

राजस्थान का इतिहास गौरवशाली है जिस वजह से यहाँ की मंदिर, महल व पर्यटन की खास विशेषताओ से प्रसिद्ध है जिसमे कुछ प्रमुख है ।

अजमेर

  • ब्रहम्मा का मंदिर पुष्कर – यह विश्व प्रसिद्ध एकमात्र मंदिर है।
  • रंगनाथजी का मंदिर – यह एक विष्णु मंदिर है।
  • सावित्री मंदिर – यह ब्रहम्माजी की पत्नी सावित्री देवी का मन्दिर पुष्कर में है।
  • गायत्री मंदिर – यह मंदिर पुष्कर के उत्तर में एक पहाडी पर स्थित है।
  • वराह मंदिर – यह विष्णु अवतार वराहजी का मंदिर है।
  • सोनी जी नसिया – यह जैन सम्प्रदाय का प्रसिद्ध मंदिर है।
  • आतेड की छतरिया – यह दिगंबर जैन समुदाय की छतरिया है।
  • काचरिया मंदिर – यह किशनगढ़ अजमेर में स्थित है।
  • सलेमाबाद – यह निम्बार्क सप्रदाय की प्रधान पीठ है।
  • खोडा गणेश – यह किशनगढ़ के पास में गणपति का मंदिर है।
  • श्री मसानिया भैरव – यह चमत्कारित देवस्थान है जो राजगढ़ गाँव में स्थित है।
  • अढाईदिन का झोपड़ा – यह अजमेर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।
  • पृथवीराज स्मारक – यह तारागढ़ पहाड़ी पर स्थित है।
  • आनासागर झील – यह पृथवीराज के दादा आनाजी ने बनाई थी।
  • फाय सागर – इसमे बांडी नदी पानी भरता है।
  • अब्ब्दुल्ला खां मकबरा – यह अजमेर रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर है।
  • टुकड़ा का मकबरा – यह किशनगढ़ में स्थित है।
  • डीग्गी तालाब – यह अजमेरू पहाडियों के निचे स्थित है।

अलवर

  • नारायणी माता जी का मन्दिर – यह अलवर की राजगढ़ तहसील में है।
  • तिजारा जैन मंदिर – यह देहरा नामक स्थल पर बना हुआ है।
  • बाबा मोहनराम का थान – यह भिवाडी में स्थित है, जो लोक आस्था का प्रमूख केंद्र है।
  • रावण पार्श्वनाथ मंदिर – यह अलवर में स्थित जैन मंदिर है।
  • नौगावा जैन मंदिर – यह अलवर-दिल्ली रोड पर जैन का प्रसिद्ध मंदिर है।
  • नौगजा जैन मंदिर – यह अलवर से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
  • बुडे जगन्नाथ जी का मंदीर – यहा चमत्कारित बुडे जगन्नाथजी का मंदिर है।
  • मुसी महारानी की छतरी – यहा मुसी महारानी की भव्य छतरी ।
  • विजय मंदिर पैलेस – यह विजय सागर तालाब के पास स्थित है।
  • सरिस्का – यहा सरिस्का पैलेस, मंदिर व गुफाये है।
  • नीमराणा की बावडी – यह नीमराणा अलवर में स्थित है।
  • टहला की छतरिया – यह टहला कस्बे में स्थित है।

बॉसवाडा

  • घोटिया अम्बा – यहाँ अम्बा माता का प्रसिद्ध धाम है।
  • भगवान रणछोड़ राय जी का प्रसिद्ध मंदिर है।
  • कालिंजरा मंदिर – यहाँ ऋषभदेव जी का प्रसिद्ध जैन मंदिर है।
  • छींछ – यहा चतुर्मुखी ब्रहम्मा जी का मंदिर है।
  • आर्थुना के मंदिर – आर्थुना में प्राचीन मंदिर है।
  • त्रिपुरा सुन्दरी – यह बांसवाडा में स्थित माँ त्रिपूरा सुन्दरी का प्रसिद्ध मंदिर है।
  • सूर्य मंदिर – यह बांसवाडा से 5 किलोमीटर दूर तलवाडा में स्थित है।
  • नंदिनी माता का मंदिर – यह बडोदिया नामक कस्बे में स्थित है।
  • मांही बाँध – यह माही नदी पर निर्मित है।
  • अब्बदुला पीर – यह अब्बदुला पीर की मजार है।
  • केलापानी – यह महाभारत काल की पांडवो की वनवास केंद्र है।
  • वागड़ के कल्प वृक्ष – यह आनन्द सागर के पास स्थित दो कल्प वृक्ष है।

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बारा

  • भंडदेवरा शिवमंदिर – यह मंदिर पंचायतन शैली का एक नमूना है।
  • गडगच्च देवालय – इसका प्राचीन नाम अटलपुरी था।
  • शाही जामा मज्जिद – यह ओरंग्जेब ने बनवाई मानी जाती है।
  • सीताबाडी – यह कैलवाडा गाँव के पास स्थित है।

 

बाड़मेर

  • श्री रणछोड़रायजी – यह लूनी नदी के किनारे स्थित है।
  • मल्लीनाथ जी का मंदिर – यह तिलवाडा में प्रसिद्ध मंदिर है।
  • ब्रह्मा मंदिर आसोतरा – यह बाड़मेर आसोतरा में स्थित है।
  • नाकोडा – यह बालोतरा में नाकोडा भैरव जी का मंदिर है।
  • राजस्थान का खजुराहो – यह बाड़मेर के हाथमा गाँव में है।
  • जुना बाड़मेर – यह बाड़मेर से 40किलोमीटर दूर प्राचीन बाड़मेर है।
  • बाटाडू का कुआ – यह रेगिस्तान के जलमहल के नाम से जाना जाता है।
  • वीरामाता – यह भोपा जनजातीओ की कुल देवी का भव्य मंदिर है।
  • भरतपुर – भरतपुर को राजस्थान का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है।
  • गंगा मंदिर – यह भरतपुर रियासत के महाराजा बलवंत सिह ने बनावाया था।
  • जामा मज्जिद – यह लालपत्थर की मज्जिद है।
  • केवलादेव – यह विश्व प्रसिद्ध पक्षी अभ्यारण साइबेरियन सारस के लिए प्रसिद्ध है।
  • रूपवास – मुग़ल सम्राट अकबर द्वारा बनाए गए है ।
  • वैर – यह बाग़ बगीचों के लिए प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।
  • कामां – यह कामन वन के नाम से प्राचीनकाल ग्रंथो में वर्णित है।
  • डीग – यह भरतपुर की प्राचीन राजधानी थी यह महलों के लिए प्रसिद्ध है।
  • खानवा – यह गंभीर नदी के तट पर स्थित है।
  • सीकरी बाँध – यह रुपारेल नदी पर बना हुआ बाँध है।
  • नगला जहाज – यह गाँव ग्वालो के लोक देवता का देव बाबा का मंदिर है।

भीलवाड़ा

  • शाहपुरा का द्वार – शाहपुरा (भीलावाडा) में स्थित है।
  • सवाई भोज मंदिर – यह खारी नदी के तट पर स्थित देवनारायण का मंदिर है।
  • हरनी महादेव का मंदिर – यह भीलवाड़ा 6किलोतीटर दूर भगवान् शिव का मंदिर है।
  • तिलस्वा मंदिर – यह माँडलगढ़ में स्थित महादेव का मंदिर है।
  • धनोप माता मंदिर – यह भीलवाड़ा के धनुप गावं में स्थित धनोप माता का मंदिर है।
  • बाईसा महारानी का मंदिर – यह गंगापुर में स्थित महारानी गंगा बाई की छातरिया है।
  • मंदाकिनी मंदिर – भीलवाड़ा जिले में बिजोलिया में स्थित है।
  • गाडोली महादेव – यह प्रसिद्ध महादेव मंदिर है।
  • देवनारायण – भीलवाड़ा की कोटडी तहसील के देवतलाई गाँव में देवनारायण का मंदिर है।
  • बागोर गुरूद्वारा – भीलवाड़ा के बागोर गाँव में स्थित है।
  • बिजोलिया – यह स्वतंत्रता के पूर्व किसान आन्दोलन के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।
  • मेनाल – यह माडंलगढ़ के पास में मेनाल का प्रसिद्ध जल प्रपात है।
  • बरहदेवारा – जहाजपुर कस्बे में यहाँ 12 लघुदेवायल है।
  • लव गार्डन – भीलवाड़ा का यह पार्क 1987 -1990 से आम जनता की लिए है।
  • चमना बावडी – यह शाहपुर में स्थित तीन मंजिल की बावड़ी है।
  • बागोर – यह कोठारी नदी की तट पर पुरात्विक स्थल स्थित है।
  • सीताराम जी बावड़ी – भीलवाड़ा की यह ईतिहासिक बावड़ी है जिसके अन्दर एक गुफा है।

बीकानेर

  • करनी माता मंदिर – यह मंदिर काबा (सफ़ेद) चूहों के लिए प्रसिद्ध है।
  • श्री कोलायत जी – यहाँ कई एतिहासिक पर्यटन स्थल है जो विख्यात है।
  • हेरम्ब गणपती – यह तैतीस करोड़ देवताओ की साल गणपति का मंदिर जो यहा भगवान मूषक पर सवार न होकर सिह पर सवार है।
  • भंडासर के जैन मंदिर – यहाँ भांडेश्वर जैन मंदिर है जिसमे सुमतिनाथ जी की मूर्ति है।
  • लालगढ़ पैलेस- महाराजा गंगासिंह ने अपने पिता लालसिंह की स्मृति लाल पत्थर से बनाई गयी है जो एतिहासीक है।
  • देवीकुंड सागर – यहा बीकानेर के राज परिवार की छतरिया है।
  • गंगागोल्डन जुबली – यह बीकानेर संग्रहालय है जिसमे एतिहासिक वस्तुए संगृहीत है।
  • रामपुरिया हवेली – यह लाल पतथर की हवेली है जिसका निर्माण हीरालाल रामपुरिया ने करवाया था।

 

बूंदी

अरावली पर्वतमाला की गोद में बसे इस शहर का नाम भील शासक बूंदा के नाम पर पडा बाद में इसके पोते को हराकर चौहान शासको ने शासन किया यहाँ अन्य एतिहासिक स्थल है।

  • बीजासण माता – यह इंद्रगढ़ में स्थित बीजासण माता का मंदिर है।
  • केशोराय पाटन – यहा केशवराय जी का प्रसिद्ध मंदिर है।
  • राजमहल – यह बूंदी का राजमहल है।
  • चित्रशाला – बूंदी के शासक राव उम्मेदसिंह ने चित्रकला का दीर्घ बनावाया था।
  • सुखमहल – यह जैतासागर में स्थित है जिसका निर्माण राजा विष्णुसिंह ने करवाया था।
  • चौरासी खम्भों की छतरी – यह देवपुरा में स्थित तीन मंजिल की छतरी है।
  • जैतसागर – यह बूंदी की अन्तिम भील शासक जेता ने करवाया था।
  • रानी जी बावड़ी – यह बूंदी नगर में स्थित एतिहासिक है।
  • अनारकली की बावडी – यह यह छत्रपुरा में स्थित है।
  • क्षार बाग़ – यहाँ राजाओं का शमशान है।
  • रतन दौलत दरीखाना – यहा बुदी के राजाओं का राज तिलक होता था।
  • फुल सागर – यह राजा भोजसिंह ने बनवाया था।
  • मोतीमहल संग्रहालय – यह बूंदी का राज संग्रहालय है।

चित्तोड़गढ़

राजस्थान के इतिहास में सर्वाधिक गौरवशाली इतिहास चित्तोड़गढ़ का माना जाता है यहा लम्बे समय तक मेवाड़ की राजधानी रही थी यहाँ का इतिहास विश्व प्रसिद्ध है।

  • मातृकुंडिया राशमी – यह चित्तोड़गढ़ में स्थित है इसे मेवाड़ का हरी द्वार कहा जाता है, यहाँ पवित्र जल में अस्तिया प्रवाहित की जाती है।
  • समिद्धेश्वर मन्दिर – यहा शिव मन्दिर परमार राजा भोज ने बनवाया था।
  • सांवरियाजी – चित्तोड़गढ़ के मण्डफिया गाँव में सांवरिया(कृष्ण) जी का विश्वविख्यात मंदिर है इन्हें सावरिया सेठ भी कहते है।
  • मीरा मंदिर – यह मंदिर मीरा बाई का है।
  • सतबीस देवरी – यह एक जैन मंदिर है जिसमे 27 देवरे है।
  • चित्तोड़गढ़ का कुम्भ- यहाँ प्रसिद्ध मंदिर है जिसमे कालिका माता का मंदिर मुख्य है।
  • तुलजा भवानी मंदिर – यहां इतिहासिक मंदिर माँ तुलजा का मंदिर है।
  • असावरी माता – यह भदेसर के पास निकुम्भ में असावरी माता का मंदिर है।
  • रानी पद्मीनी महल- यहा रानी पद्मीनी का प्रसिद्ध महल है जो विश्वविख्यात है।

 

चुरू

राजस्थान का यह जिला वहा की हवेलियों व काले हिरन के अभ्यारण के लिए प्रसिद्ध है।

  • ददरेवा – यहाँ गोगा जी का जन्म स्थान माना जाता है , यहाँ भाद्रपद मॉस में कृष्णा नवमी को मेला भी भरता है जो प्रसिद्ध है।
  • सालासर बालाजी – यहाँ हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर है व माता अन्जनी का भी मंदिर है।
  • तिरुपति बालाजी – यह सुजानगढ़ में स्थित भव्य मंदिर है।

दौसा

यहा प्राचीन काल में कछवाहा राजवंश की राजधानी माना जाता है, दौसा नगर देवगिरी पहाड़ी की तलहटी में बसा हुआ है जिसके पर्यटन स्थल प्रमुख है।

  • मेहंदीपुर बालाजी – बालाजी का यह प्रसिद्ध मंदिर सिकंदरा से महुआ के बिच पहाडी पर है।
  • हर्षत माता का मंदिर – यह वैशणव सम्प्रदाय का प्रसिद्ध मंदिर है।
  • झांझीरामपुरा – इसकी स्थपाना ठाकुर रामसिंह ने की यहाँ झामेशवर महादेव का मंदिर है।
  • गेटोलाव – यह दौसा नगर के पास यह सुन्दरदास जी की छातरी है।
  • भंडारेज की बावडी – यहा की बावडियो का प्राचीन काल का अदभुत एतिहासिक है।
  • आभानेरी – यह एक प्राचीन नगर है, यहा महामारू शैली के मंदिर है।
  • चाँद बावडी – यह बांदीकुई रेलवे स्टेशन से 8किलोमीटर दूर साबी नदी के निकट चाँद बावडी के नाम से प्रसिद्ध बावडी है जिसका निर्माण निकुम्भ राजा चाँद ने करवाया था।
  • मांगरेज की बावडी – यह पांच मंजिली विशाल बावडी है।
  • आलूदा का बुबानीया कुण्ड- यह आलुदा गाँव एतिहासिक कुण्ड है।
  • प्रीतेश्वर भोमियाजी का मंदिर – यह भोमिया जी देव का एतिहासीक मंदिर है।

 

धौलपुर

राजस्थान की यह दूसरी जाट रियासत है, यहा लाल पत्थर का विशेष महत्त्व है इसका निर्माण जाट राणा कीरत सिंह ने धौलपुर पर अधिकार स्थापित किया था जिसके पर्यटन स्थल भी एतिहासिक है।

  • सैपउ महादेव – यह पार्वती नदी के किनारे सैपउ गाँव में स्थित है।
  • महाकालेश्वर मंदिर – यह सरमथुरा कस्बे में स्थित है।
  • राधा बिहारी मंदिर – यह धौलपुर के पास भव्य मंदिर है।
  • खानपुर महल – यह मुग़ल बादशाहों का आरामगाह था।
  • निहाल टावर – यह शहर का 8मंजिल का घंटाघर है, जिसका निर्माण राजा निहाल सिंह ने कराया था।
  • तालाब शाही – यह फिरोज शाह द्वारा बनवायी गयी झील है।
  • दमोह जल परताप- यह बाडी कस्बे में एक प्राकृतिक जल प्रताप है।
  • गजरा का मकबरा – यह धौलपुर शहर के बिच में है जिसका निर्माण राजा भगवंत सिंह ने अपनी प्रेमिका गजरा की याद में करवाया था।
  • जुबली हाल – यह कलात्मक भवन है जिसका निर्माण राजा उदयभान सिंह ने करवाया था।

डूंगरपुर

यह वागड़ के शासक डूंगरसिह ने डूंगरीया भील की ढाणी के नाम से प्रसिद्ध स्थान को डूंगरपुर कस्बे के रूप में बसाया गाया यहाँ के दर्शनीय स्थल ही एतिहासिक है।

  • देव सोमनाथ – यह भगवान शिव का मंदिर सोम नदी के किनारे स्थित है।
  • बेणेशवर धाम – यह विश्व प्रसिद्ध धाम माही, सोम, झाख़म के त्रिवेनी संगम प्राचीन शिवालय है जो आदिवासियों का तीर्थ धाम है।
  • जुना महल – यह डूंगरपुर कर धनमाता पहाडी पर स्थित है।
  • बादल महल- यह महल गैब सागर के किनारे स्थित है।
  • गवरी बाई का मंदिर – यह वागड़ की मीरा गवरी बाई का मन्दिर है।
  • संत मावजी माहराज का मंदिर – यह साबला गाँव में सस्थित प्राचीन मंदिर है।
  • एक थम्बिया महल – यह गैबसागर के उदयविलास महल में स्थित है।
  • गैबसागर झील – यह झील महाराज गोपीनाथ ने बनवाई गयी है।

 

हनुमानगढ़

यह श्री गंगानगर जिले का एक अंग था बाद में यह अलग जिला बनाया गया जो वर्णित है जिसके कुछ पर्यटन स्थल प्रमुख है।

  • गोगामेडी – सर्पो के देवता घोघा जी की समाधी स्थल है यहाँ गोगामेडी मेला भी भरता है जो एतिहासिक है।
  • सिला माता – यह प्राचीन सरस्वती नदी के प्रवाह क्षेत्र में एतिहासिक स्थल व मन्दिर है व मुस्लिम समुदाय यह सिलापीर भी कहते है।
  • भद्रकाली मंदिर – यह हनुमानगढ़ से 7 किमी दूर माँ भद्रकाली का मंदिर है।
  • ब्रमानी माता का मंदिर – यह प्राचीन काल के खंडहरो में स्थित है यहाँ मेला भी भरता है जो यहाँ के लिए एतिहासिक है।
  • संगरिया संग्रहालय – संगरिया कस्बे में स्थित संग्रहालय है।

जयपुर के पर्यटन स्थल

जयपुर नगर का प्राचीन नाम जयनगर था ईसका निर्माण राजा सवाई जयसिह ने करवाया था इसे गुलाबी नगरी के नाम से भी प्रसिद्ध है इसके पर्यटन स्थल एतिहासिक है।

  • देवयानी, जयपुर – यह सांभर नदी के पास देवनायनी गाँव में है।
  • शाकम्भरी माँ का मंदिर – यह चौहानों की कुल देवी माँ शाकम्भरी देवी का मंदिर है।
  • शील माता की डूंगरी – यह चाकसू में शीतला माता का मंदिर है।
  • गणेश मंदिर – यह मोती मगरी की तलहटी में स्थित है।
  • बिड़ला मंदिर – इसका निर्माण प्रसिद्ध उघोगपति बिड़ला ने करवाया था।
  • जगत शिरोमणी – यह आमेर में स्थित एतिहासिक मंदिर है।
  • आमेर की शिलामाता – यह कच्छवाहा राजवंश की अराध्य देवी है।
  • नकटी माता मंदिर – यह अजमेर रोड भवानीपूरा में स्थित है।
  • खालाकानी माता – यह लुनियावास गाँव में स्थित है।
  • वामन देव का मंदिर – यह शाहपुरा तहसील में स्थित है।
  • अकबरी मज्जिद – यह जामा मज्जिद राजा भारमल ने बनवाई थी।
  • हवामहल – यह राजस्थान का प्रसिद्ध पर्यटन एतिहासिक स्थल है जो जयपुर महाराजा सवाई प्रतापसिह ने बनावाया था यह हवा महल नाम से विख्यात है।
  • जल महल – जयपुर आमेर के रोड पर मानसागर झील में स्थित जल महल है।
  • सिटी पैलेस – यह जयपुर राज परिवार का राज महल है जो एतिहासिक है।
  • मुबारक महल – यह जयपुर सिटी पैलेस में स्थित है।
  • प्रीतम निवास – यह सवाई प्रतापसिह ने बनवाया था।
  • आमेर के महल – यह कच्छवाहा राजा मानसिह ने यह बनवाये थे ।
  • शीश महल – आमेर महल में एक दीवान-ए-ख़ास (शीश महल) है।
  • पन्ना मीणा की बावड़ी – यह आमेर में स्थित प्रसिद्ध बावड़ी है।
  • सामोद महल – यह जयपुर से 40 किमी दूर सामोद का एतिहासिक महल है।
  • मोती डूंगरी – इस पहाडी बना पर मोती महल प्रसिद्ध है।
  • जंतर-मंतर – यह विश्वप्रसिद्ध एतिहासिक महल है जो सवाई जयसिह ने बनवाया था।
  • राजा मानसिह की छतरी – यह आमेर से 2 कीमी की दूरी पर स्थित है।
  • महारानी की छतरी – यह रामगढ़ रोड पर स्थित है।
  • विराटनगर – यह प्राचीन स्थल अलवर रोड पर स्थित है।
  • सांगानेर – यहां के संघी जी के जैन मंदिर प्रसिद्ध है।

जैसलमेर

इसे स्वर्ण नगरी भी कहते है इसे राव जैसल ने बसाया था जिसके प्रमुख पर्यटन स्थल है।

  • रामदेवरा – यह पोकरण में स्थित राजस्थान का प्रसिद्ध बाबा रामदेव जी का समाधी स्थल है जहा प्रतिवर्ष भव्य विशाल मेला भरता जो एतिहासिक है।
  • अमर सागर जैन मंदिर – यह जैसलमेर तालाब के किनारे स्थित जैन मंदिर है।
  • माता स्वांगिया जी – यह पोकरण रोड पर धोलिया गाँव के पास मंदिर है।
  • तनोट देवी – तनोट देवी को थार की वैष्णो देवी भी कहते है।
  • सलीम सिंह की हवेली
  • पटवो ककी हवेली
  • राष्ट्रीय मरू उघान
  • बादल विलास
  • जवाहर निवास
  • अमर सागर
  • गडसीसर सरोवर आदि जेसलमेर के प्रमुख पर्यटन स्थल है।

 

जालौर जिले के पर्यटन स्थल प्रमुख है

  • सिरे मंदिर
  • माहोदरी ( आशापुरी)
  • आपेश्वर महादेव मंदिर
  • मालिक शाह पीर की दरगाह
  • सुंधामाता का मंदिर
  • सांचौर
  • भीनमाल
  • तोपखाना
  • बडगांव

 

झालावाड के पर्यटन स्थल

  • शीतलेशवर महादेव मंदिर
  • झालरापाटन का वैष्णव मंदिर
  • झालरापाटन का शांतिनाथ जैन मंदिर
  • चाँदखेडी का जैन मंदिर
  • चन्द्रभागा मंदिर
  • नागेश्वर पार्शवनाथ
  • भवानी नाट्यशाला
  • संत मीठे शाह की दरगाह
  • कौलवी की बौद्ध गुफाये
  • अबीली मीनी का महल

 

झुंझनु ( शेखावटी का सिरसौर जिला ) के पर्यटन स्थल

  • लोहार्गल, झुंझनु
  • राणीसती का मंदिर
  • नरहड़ शरीफ की दरगाह
  • खेतड़ी महल
  • ईसरदास मोदी की हवेली
  • किरोडी
  • खेतड़ी
  • पिलानी
  • महनसर
  • नवलगढ़

जोधपुर के पर्यटन स्थल

सूर्य नगरी के नाम से जाने वाला जोधपुर की स्थापना राव जोधा ने की इसके पर्यटन स्थल कुछ प्रमुख है

  • आधारशिला रामसा पीर
  • सच्चिया माता मंदीर
  • महामंदिर
  • जसवंत थड़ा
  • उम्मेद भवन
  • अजीत भवन
  • औसिया माता मन्दिर
  • राखी हवेली
  • खेजडली जोधपुर
  • अरणा–झरणा
  • महीला बाघ जालरा
  • उम्मेद उघान जोधपुर
  • तुन्वर जी झालरा
  • तापी बावडी
  • गुलाब सागर

 

करौली के पर्यटन स्थल

  • कैला देवी
  • मदन मोहन जी का मन्दिर
  • श्री महावीर जी का मंदिर
  • अंजनी माता मन्दिर
  • हरसुख विलास

 

कोटा के पर्यटन स्थल

  • कोटा का मथुराधीश मंदिर
  • कंसुआ का शिव मंदिर
  • चार चौमा का शिवालय
  • विभिषण मंदिर
  • भीम चौरी
  • बुढादीत का सूर्य मंदिर
  • त्रिकाल चौबीसी मंदिर
  • गेपर नाथ शिवालय
  • यातायात पार्क
  • जगमंदिर
  • कोटा का हवा महल
  • छत्र विलास महल
  • अभेडा महल
  • क्षार बाग़
  • चम्बल उघान
  • समाधि उघान
  • अहिंसा वाटिका
  • अकेलगढ़
  • बडगांव की बावडी आदि

नागौर के पर्यटन स्थल

  • चारभुजानाथ मेड़ता
  • कैवाय माता मन्दिर
  • भांवल माता का मंदिर
  • बंशी वाले का मंदिर
  • खींवसर का किला
  • बड़े पीर की दरगाह
  • सुल्तानुत्तारकीन की दरगाह
  • बुलंद दरवाजा

 

प्रतापगढ के पर्यटन स्थल

  • गौतामेशवर महादेव का मन्दिर
  • सीतामाता का मंदिर
  • दीपनाथ महादेव का मंदिर
  • जाखम बाँध
  • सीता माता अभयारण

 

पाली के पर्यटन स्थल

  • गौतमेश्वर का मंदिर
  • मुन्छाला महावीर
  • नारलाई
  • चौमुखा जैन मंदिर
  • वरकाणा
  • राता महावीर
  • सांडेराव का शान्तिजिनालय
  • सिरियारी
  • निम्बो का नाथ महादेव
  • नाणा जैन मंदिर
  • बाली
  • सोजत
  • रणकपुर
  • सादडी
  • देसुरी
  • सोमनाथ मंदिर
  • घानेराव
  • मीरागढ़

 

राजसमन्द के पर्यटन स्थल

  • श्री नाथ जी का मंदिर नाथद्वारा
  • द्वारकाधीश मंदिर कांकरौली
  • पिप्पलाद माता का मंदिर
  • बडगौर का चारभुजानाथ का मंदिर
  • हल्दी घाटी
  • राजसमन्द झील
  • चेतक समाधि
  • रुकमगढ़ की छापर
  • मचीन्द
  • लक्ष्मण का झुला
  • भगवान स्वरुपनारायण का मंदिर

सवाई माधोपुर के पर्यटन स्थल

  • घुश्मेशवर महादेव मंदिर
  • घुधुन्धलेश्वर जी का मंदिर
  • घुगणेश मंदिर रणथम्भौर
  • घुरामेशवरम
  • घुरणथम्भौर उघान

 

श्री गंगा नगर के पर्यटन स्थल

  • गुरुद्वारा बुडढा जोहढ़
  • विजयनगर
  • हिन्दुमल कोट

 

सीकर के पर्यटन स्थल

  • खाटूश्याम जी का मंदिर
  • जीणमाता मंदिर
  • हर्षनाथ जी का मंदिर
  • सरस्वती पुस्तकालय
  • प्रीतम पुरी की झील

 

सिरोही के पर्यटन स्थल

  • दिलवाडा के जैन मंदिर
  • ऋषिकेश मंदिर
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