Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
ऐसे बने एक अच्छा सेल्स एक्सपेर्ट
ऐसे बने एक अच्छा सेल्स एक्सपेर्ट | Innoza
May 7, 2017
लोक प्रशासन भाग - 2 : संगठन की विचारधारा
लोक प्रशासन भाग – 2 : संगठन की विचारधारा | Rajasthan GK
May 31, 2017

लोक प्रशासन भाग – 1 : अर्थ, क्षेत्र, प्रक्रति महत्व और अभ्युदय | Rajasthan GK

लोक प्रशासन भाग -1:अर्थ,क्षेत्र,प्रक्रति महत्व और अभ्युदय

सरकारी और सार्वजनिक कार्यो को पूरा करनी वाला प्रशासन ही लोक प्रशासन कहलाता है। लोक प्रशासन, प्रशासन का ही एक प्रकार है।  जो जन कल्याण से ही सम्बंधित है।प्रशासन का अर्थ  है।  प्रबंध करना और लोगो की देखभाल करना। लोक प्रशासन भाग – 1 : अर्थ, क्षेत्र, प्रक्रति महत्व और अभ्युदय.

  • प्रशासन मे 3 तत्व होते है।
  1. उदेस्स्य
  2. सामूहिक प्रयास
  3. सहयौग की भावना
  • प्रशासन के 4 अर्थ होते है।
  1. मंत्रीमंडल
  2. सामाजिक विघान की शाखा के रुप  मे
  3. इसका उपयोग उन सभी कामो के लिए किया जाता है।  जो की लोक निति और लोक नितयो को क्रियानिवित करनी और खुच सेवाए अथवा लाभ पर्दान करनी क लिए संगठित की जाती है।
  4. इसका उपयोग प्रबंध के उन सभी कामो क लिये किया जाता है।  जो की एक विशिष्ट उदेश्यों की प्राप्ति हेतु किया गया सहुमिक पर्यास प्रशासन है।
  • 16 वि शताब्दी  मे प्रशासन शब्द का उपयोग प्रबंध के अर्थ मे होने लगा था।
  • संघठन के प्रत्येक कार्मिक के कार्य प्रशासन सम्बंधित एक्क्रीत द्रष्टिकोण के अनुसार प्रशासन मे निहित है।
  • मेरि पार्कर फलेट प्रशासन को “ संगठनात्मक एक्तत्व “ की संज्ञा देनी वाले विद्वान है।
  • लूथर गुलिक” लोक प्रशासन के क्षेत्र सम्बंधित द्रष्टिकोण के सम्र्तक है।
  • पोस्डकार्ब द्रष्टिकोण मे 7 तकनीको का उलेख है।
  • पोस्डकार्ब मे “S” संकेत का अर्थ staffing (कार्मिकों की व्यवस्था )
  • अबुल फजल” आइने अकबरी के लेखक है
  • लाभ की प्रवति “ लोक प्रशासन और निजी प्रशासन मे सबसे बडे अंतर का कारण है।
  • मार्शेल ई. डिमौक “प्रशासन को सरकार के “क्या” “एवं” से जोड़ने वाले विद्धवान थे।
  • रिचर्ड गेबल” तुलनात्मक प्रशासनिक सुमहू के दूसरे अध्यक्ष थे। /
  • पूर्णतारक” विकास मे बाधक मूल्यों को डेविड-आप्टर संज्ञा देते है।
  • प्रिंजमेटिक मॉडल को प्रतपादित करने वाले विद्वान “एफ़.डबल्यू. रिंग्स थे।
  • वैल्थ ऑफ़ नेशन “ पुस्तक के लेखक “एडम स्मिथ” है।
  • मॉडर्न पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन “नीग्रो” की रचना है।
  • एडमिनिस्ट्रेशन शब्द दो शब्दों एड और मिनिस्टरेट से मिलकर बना है जिसका अर्थ “ कार्यो की व्यवस्था मे व्यक्तियों की देखभाल ” करना है।
  • मार्ले मिंठो सुधार दुवारा” भारत मे सर्वप्रथम प्रथक और निर्वाचन का परम्भ इसी अधिनियम के दुवारा हुआ था।
  • भारत मे सर्वप्रथम राजस्व मंडल की स्थापना 1786 मे की गयी थी।
  • कोटलिय” सप्तांग सिदांत के प्रतिपादक थे।
  • 1860 मे भारतीय दण्ड सहिंता लागु हुई थी।
  • भारत मे लोक प्रशासन का पूर्ण पत्र सर्वप्रथम, राजनीति विज्ञान के पाठ्यक्रम “लखनऊ” मे समिम्लित किया गया।
  • लोक प्रशासन मे सर्वप्रथम स्नात्द्कोटर डिग्री “नागपुर” भारतीय विश्वविध्यालय दुवारा पर्दान की गयी।
  • भारत मे लोक प्रशासन के प्रथम प्राध्यापक “श्री बेनी प्रसाद” को कहा जाता है।
  • 1957” राजस्थान मे लोक प्रशासन का स्नातौकर पाठ्यक्रम पारंभ हुआ!
  • संग लोक सेवा आयोग दुवारा लोक प्रशासन को प्रथक विषय “1986” मे घोषित किया गया।
  • राजस्थान मे लोक प्रशासन के जनक “प्रो.एम.वी.माथुर को माना जाता है।
  • भारीतय लोक प्रशासन संसथान की स्थापना “1954” मे हुई थी।
  • नव लोक प्रबंध” वर्तमान युग के साथ ही भविष्य हेतु सतत विकास की अवधारणा पर बल देनी वाली विचारधारा है।
  • 1600” मे ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई।
  • 1772-1858” भारत मे द्वेद शासन काल कहलाता है।
  • रेगुलेटिंग एक्ट “1773” मे लागु हुआ था।
  • कृषि योग्य भूमि और आय का वार्षिक विवरण रखने वाला मुगुल्कालिन अधिकारी “बक्शी” कहलाता था।
  • भारत मे सर्वप्रथम नगर निगम की स्थापना “मद्रास” शहर मे की गयी।
  • भारत मे संघीय न्ययालय की स्थापना “1935 के एक्ट “ के दवार की गयी।
  • भारतीय प्रशासनिक सेवा की प्रथम परीक्षा “1855 “वर्ष मे आयौजित की गयी ।
  • भारत मे सर्वप्रथम उच्चतम न्यायालय की स्थापनाकलकता मे की गयी।
  • भारत मे सिविल सर्विस मे योग्यता प्रणाली को निम्न मे से “चार्टर एक्ट, 1853” एक्ट क द्वारा अपनाया गया। लोक प्रशासन भाग – 1 : अर्थ, क्षेत्र, प्रक्रति महत्व और अभ्युदय.
  • 1808” मे पहली बार पुलिस अधीक्षक का पद सृजित हुआ।
  • भारत सरकार अधिनियम, 1935 मे “321” अनुछेद थे।
  • भारत सरकार अधिनयम 1935 मे “10” अनुसूचिय थी।
  • ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक और राजनीतिक कार्यो का प्रठुक्रण “पिट्स इंडिया एक्ट द्वारा “ किया गया।
  • भारत सरकार अधिनियम 1935 को दासता का नया घोषण पत्र “मोतीलाल नेहरु” ने कहा था।
  • 26 नवम्बर, 1949 को भारतीय सविधान अंगीकृत किया गया।

 

“A debt of gratitude is in order For To Read This Blog..!”

 

Related: लोक प्रशासन भाग – 2 : संगठन की विचारधाराभारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन प्रणालीराजस्थान के लोक देवता और देवियाHow to success in MLMमध्यकालीन भारत का इतिहास

 

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *