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प्राचीन भारत के प्रमुख साहित्य कार एवं वैज्ञानिक by Innoza IT Center
प्राचीन भारत के प्रमुख साहित्य कार एवं वैज्ञानिक | Rajasthan GK
September 6, 2017
मध्यकालीन भारत का इतिहास by Innoza IT Center
मध्यकालीन भारत का इतिहास | Rajasthan GK
September 25, 2017

प्राचीन भारत इतिहास की कुछ विशेषताएँ | Rajasthan GK

प्राचीन भारत इतिहास की कुछ विशेषताएँ by Innoza IT Center

 

  • आध्यात्मिक भावना – प्राचीन काल भारत में आध्यात्मिक भावना का बहुत ही ज्यादा प्रचलन था जो आध्यात्मिक ज्ञान चिंतन आध्यात्मिक गुरु भी थे, जो शिष्यों को आध्यात्मिक ज्ञान देते थे।
  • अपने धर्म का पालन –  मानव अपने  धर्म का पालन करके ही अपना विकास कर  सकता है, प्राचीन भारत में  ऐसी कई परम्परा व संस्थाओं का विकास चुका था जो मनुष्य को उसके अन्दर के अज्ञान को मिटा कर उसे सही रास्ते पे चलानी के लिए  प्रेरित करती थी।
  • सर्वांगीण विकास– अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष, प्राचीन भारत के सामाजिक जीवन को सम्पूर्ण बनाते थे।
  • समन्वय भावना – प्राचीन भारत में  समन्वय भावना का भी अधिक प्रचलन था जो पुराणिक ग्रंथो से यह साबित  होता है।
  • धर्म-चक्र प्रवर्तन – प्राचीन भारत के कई धर्म ऐसे है जो  बाहरी  देशो के आगमन से या वहा के लोगो के आने-जाने से कई  परिवर्तन भी आये है।
  • श्रेष्ठ को अपना– श्रेष्टता ही प्राचीन भारत की पहचान है। श्रेष्ठ को ही स्वीकार करना उसे प्राप्त करने के लिए प्रयत्न करना ही भारतीय की श्रेष्ठता की पहचान है।

भारतीय विविधता में एकता :

प्राचीन भारत में कई विविधता होने के बाद भी यहाँ की एकता की पहचान कुछ  अलग ही है।

  • भौगोलिक एकता – प्राचीन भारत की भौगौलिक क्षेत्रीय अनेकताओ के बावजूद भी सम्पूर्ण भारत वर्ष की संतान की अलग ही पहचान है।
  • राजनैतिक अनेकता में एकता – प्राचीन  भारत में बहुत ही छोटे-छोटे साम्राज्य थे वहा की राजनैतिक विचारधारा व उनकी नीतियां अलग – अलग होने के बावजूद भी जब  बात भारत वर्ष की होती तो वह एक होने की परंपरा ही यहां की एकता थी।
  • सांस्कृतिक एकता – प्राचीन भारत की संस्कृती हर क्षेत्र में अलग- अलग थी यहाँ अनेक प्रकार से अपनी कलाओं को प्रदर्शित किया जाता था जिनमे सम्पूर्ण भारतीय अपने गौरव का अनुभव करते थे।

 

 

“A debt of gratitude is in order For To Read This Blog..!”

 

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